इसके तहत गंगा किनारे बसे गांवों की बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जाता है। इसमें विभाग मेड़बंदी, तालाब खोदाई और अन्य कच्चे काम कराता है। योजना के तहत वर्ष 2022 में घाटमपुर ब्लॉक की बावन ग्राम पंचायत में 750 हेक्टेयर और कोरियां गांव में करीब 600 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी।
फर्जी काम दिखाकर किया गया भुगतान
बावन गांव में करीब 13 लाख रुपये और कोरियां गांव में करीब 28 लाख रुपये से काम कराने की परियोजना बनी थी। शासन से जारी धनराशि में विभाग के बाबू दिलीप पटेल ने बावन गांव में करीब सात लाख रुपये का सही भुगतान और पांच लाख रुपये का भुगतान अपने करीबी के खाते में कर दिया था। इसी तरह कोरियां गांव में 28 लाख रुपये का सही भुगतान हुआ, लेकिन पांच लाख रुपये का फर्जी काम दिखाकर भुगतान कर दिया।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। सभी परियोजनाओं में किए गए भुगतान की जांच होगी। धनराशि सामने आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। -आरपी कुशवाहा, भूमि संरक्षण अधिकारी
मामला संज्ञान में है। सीडीओ को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसकी गंभीरता से जांच होगी। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -राकेश कुमार, जिलाधिकारी