कानपुर। बीए, बीएससी, बीकॉम करने वाले छात्र भी अब मास्टर इन होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर सकेंगे। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने इस सत्र से अब बड़ा बदलाव किया है। विवि ने किसी भी विधा से स्नातक करने वाले छात्रों के लिए मास्टर इन होटल मैनेजमेंट का रास्ता खोल दिया है।
अब तक इस कोर्स में प्रवेश केवल होटल मैनेजमेंट से स्नातक करने वाले छात्रों को ही मिलता था। नई व्यवस्था के तहत अन्य विषयों से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी इसमें दाखिला ले सकेंगे। यह बदलाव इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा रहा है। परास्नातक में 20 सीटें हैं। इस निर्णय से बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को फायदा मिलेगा जिन्होंने बीए या बीएससी किया है और अब वे कॅरिअर के बेहतर विकल्प तलाश रहे हैं।
होटल मैनेजमेंट एक ऐसा क्षेत्र है जहां स्किल और कम्युनिकेशन को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में अब सामान्य स्नातक छात्र भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेंगे। विवि के होटल मैनेजमेंट विभाग के सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि भारत में टूरिज्म, होटल, एयरलाइंस और इवेंट इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है। इसके चलते प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि होटल मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के लिए देश और विदेश दोनों जगह अवसर मौजूद हैं। कई बार सामान्य स्नातक के छात्र कोर्स में प्रवेश लेने के लिए आते थे, ऐसे में यह बदलाव किया गया है। सिंह ने कहा कि सामान्य स्नातक वाले छात्रों के लिए कुछ दिनों का पायलट कोर्स चलाया जाएगा जिसमें उनको कोर्स की बेसिक जानकारियां दी जाएंगी।
इन जगह मिलता है काम
कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को होटल इंडस्ट्री में फ्रंट ऑफिस एग्जिक्यूटिव, गेस्ट रिलेशन मैनेजर, होटल मैनेजर जैसे पदों पर काम मिल सकता है। इसके अलावा फूड इंडस्ट्री में शेफ, बेकरी एक्सपर्ट, एयरलाइंस में केबिन क्रू, क्रूज में हॉस्पिटैलिटी स्टाफ और इवेंट मैनेजमेंट में इवेंट प्लानर जैसे विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे।
शुरुआत में कम, आगे बेहतर पैकेज
इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह के बीच हो सकता है लेकिन अनुभव और स्किल के आधार पर यह एक लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। विदेशों में तो बेहतर पैकेज ही मिलते हैं।