जमीन की पैमाइश के दौरान ग्रामीणों से वार्ता करते अधिकारी
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प्रत्येक ‘गुरुवार’ मिशन समाधान कीर्तिमान गढ़ रहा है। इस कड़ी में एक और मामले ने सभी को चौका दिया। पिता के नाम 30 साल पहले हुए पांच बीघे के पट्टे पर कब्जा पाने की राह एक पीड़ित की आसान हो गई। डीएम ने एक घंटे के अंदर पैमाइश कराते हुए पीड़ित को जमीन सुपुर्द कराई। इस दौरान पीड़ित ने सरकारी अमले का आभार जताया। पीड़ित के चेहरे पर खुशी भी झलकी।
गुरुवार को डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिजित आर शंकर बिधूना तहसील क्षेत्र के गांव बरकसी पहुंचे। यहां पिछले दिनों बरकसी निवासी राहुल कुमार ने डीएम से गुहार लगाई थी। पिता स्व. उदय प्रताप के नाम 30 साल पहले हुए पांच बीघा के पट्टे पर कब्जा जाने की मांग की थी। सालों से इधर-उधर भटकने के बाद भी उसे जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा था। जबकि जमीन भी संक्रमणीय हो चुकी थी। मामले में मिशन समाधान के तहत सरकारी अमला गुरुवार को बरकसी पहुंची। जरीब डालते हुए पैमाइश का दौर शुरू हुआ।
डीएम व एसपी भी पहुंचे। करीब एक घंटे की कवायद के बाद राहुल कुमार को पांच बीघा जमीन की चौहद्दी निर्धारित करते हुए सुपुर्द कर दी गई। जिसके बाद राहुल ने सरकारी अमले का आभार जताया। राहुल कुमार ने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद से अभी तक उसने अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिला था। आज मिशन समाधान ने 30 साल बाद जमीन पर कब्जा दिला दिया। इस पैमाइश के दौरान बरकसी निवासी सोनी ने भी डीएम से गुहार लगाई। बताया कि पांच साल पहले चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था। लेकिन मौके पर महज दो बीघा ही जमीन मिली है। पूरी जमीन दिलाई जाए। मामले में डीएम व एसपी ने तहसीलदार जितेश वर्मा व लेखपाल को तत्काल पैमाइश कर निर्धारित जमीन महिला के सुपुर्द किए जाने के निर्देश दिए।