एक जैसी सोच और मकसद भी एक
एटीएस की कस्टडी में होने के बावजूद आतंकियों के चेहरे पर जरा भी सिकन नहीं थी। हां, उनको यह अफसोस जरूर था कि वह पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या को अंजाम नहीं दे सके। वह दोनों बोले कि नूपुर शर्मा को जीने का हक नहीं है।
इसलिए उनको मारने की साजिश रची थी। उनका कहना है कि कोई न कोई बदला जरूर लेगा। यह सुनकर अफसर भी हैरान रह गए। एटीएस आगे भी इनसे पूछताछ करती रहेगी। इनको झारखंड, महाराष्ट्र, गुजारात व कश्मीर भी ले जा सकती है।
नदीम को सहारनपुर ला सकती है एटीएस
जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों के संपर्क में रहे मोहम्मद नदीम को एटीएस ने 12 दिनों के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में कुछ और तथ्य प्रकाश में आए हैं। पांच ऐसे लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जो नदीम की गतिविधियों की जानकारी रखते थे।
एटीएस इन लोगों से पूछताछ करने नदीम को साथ लेकर सहारनपुर आ सकती है। एटीएस ने कोतवाली गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकला निवासी नदीम के मोबाइल फोन से फिदायीन हमले के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी देने वाली जो पीडीएफ बरामद की थी, उसमें हिंदी के अलावा अंग्रेजी और उर्दू भाषा का इस्तेमाल किया गया था।