एडीएम की जांच में हुई थी स्टांप कमी की पुष्टि
2019 में एडीएम वित्त एवं राजस्व रहे वीरेंद्र पांडेय ने 4.59 करोड़ रुपये की कीमत के भवन की स्टांप की जांच की थी। इसकी जांच आख्या में एडीएम ने कहा कि संपत्ति के निरीक्षण के दौरान पक्ष के लोग मौजूद थे। निरीक्षण के समय नीलम कांपलेक्स में अलग-अलग नाम से कई दुकानें संचालित मिलीं।
बेसमेंट पर 187.62 वर्गमीटर, भू तल 291.10 वर्गमीटर, प्रथम व द्वितीय तल पर 251.15-251.15 वर्गमीटर का निर्माण मौजूद था। निर्माण 20 साल पुराना है और पूरी तरह से व्यावसायिक है। ऐसे में प्रतिवादी ने जानबूझकर भारतीय स्टांप अधिनियिम 27 का उल्लंघन किया है।
राकेश सचान हैं जमीन खरीद में गवाह
केशव नगर निवासी नीलम श्रीवास्तव से जिस जमीन को सीमा सचान ने खरीदा था उस जमीन की खरीद के दस्तावेजों में मंत्री राकेश सचान का नाम गवाह के तौर पर रजिस्ट्री में दर्ज है। दूसरे गवाह के तौर पर अधिवक्ता अमित गुप्त का नाम दर्ज था जिन्होंने रजिस्ट्री को ड्राफ्ट और कंप्यूटर टाइप कराया था।
दो दर्जन लोगों के बयान दर्ज, तब भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची जांच
कोर्ट से पत्रावली ले जाने के मामले में जांच अधिकारी ने गुरुवार को नौ और लोगों के बयान दर्ज किए। अब तक दो दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि जांच अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। एक तरफ जज के आदेश में अभिरक्षा से मंत्री के फरार होने का तथ्य लिखा था तो दूसरी तरफ पुलिस जांच का हवाला देकर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
छह अगस्त को आर्म्स एक्ट के केस में मंत्री राकेश सचान दोषी ठहराए गए थे। उसके बाद वह कोर्ट से चले गए थे। कोर्ट की रीडर की तरफ से दी गई तहरीर में दावा किया गया था कि राकेश सचान पत्रावली लेकर फरार हो गए हैं। वहीं जज के आदेश संबंधी पत्र में मंत्री के अभिरक्षा में होने की पुष्टि हुई है।
मगर पुलिस तहरीर पर जांच ही कर रही है। जांच अधिकारी एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह का कहना है कि जिन लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, उन्होंने पत्रावली ले जाने का तथ्य नहीं बताया है। हालांकि तब भी अफसर दावा कर रहे हैं, कि वह जल्द ही जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपेंगे।