बढ़ते तापमान और गर्मी के बीच चिंता भी बढ़ रही
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कानपुर में अधिकतम तापमान बढ़ते ही गर्मी की बीमारियां बढ़ने लगी हैं। तपिश से पसीना निकलने के कारण इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस हो रहा है। लोगों के शरीर में पानी और नमक की कमी से उल्टी और दस्त शुरू हो गए हैं। पेट में मरोड़ के रोगी बढ़ गए हैं। हैलट की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में गुरुवार को 250 रोगी आए।
सीनियर फिजीशियन डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि ज्यादातर रोगी पेट दर्द के आए हैं। रोगी कमजोरी, सिर दर्द और चक्कर आने की शिकायत लेकर आए। हैलट इमरजेंसी में शाम तक 32 रोगी भर्ती हुए। इनमें डायरिया, गुर्दा और लिवर फेल के रोगी भी रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ गुर्दा और लिवर रोगियों को भी दिक्कत होने लगती है। डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि अगर गुर्दा रोगी को डायरिया हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं।