सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत को सजा सुनानी थी। मंत्री को दोषी करार दिए जाने की सूचना पर वकीलों और समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया था। इसी बीच अभियुक्त राकेश सचान कोर्ट के आदेश की प्रति लेकर ही कोर्ट से चले गए थे।
अभियुक्त द्वारा आदेश की प्रति ले जाने से कोaर्ट में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। दिनभर की आपाधापी के बाद देर शाम एसीएमएम तृतीय की रीडर ने राकेश सचान के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी थी।
सजा से बचने का कोई रास्ता नजर न आने और एक नए मुकदमे की तलवार लटकने की जानकारी होने के बाद आखिर मंत्री ने कोर्ट में समर्पण करने का मन बनाया था और आठ अगस्त को कोर्ट में समर्पण कर दिया था, जिसके बाद कोर्ट में उन्हें सजा सुनाई थी।