कानपुर शहर में हुए सिख विरोधी दंगों को लेकर एसआईटी का कार्यकाल छठवीं बार बढ़ाया गया है। इस मामले में एसआईटी ने 80 से अधिक आरोपियों की शिनाख्त की थी, जिसमें केवल 66 आरोपी ही जीवित बचे हैं।
कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगे की जांच कर रही एसआईटी का कार्यकाल चार माह और बढ़ा दिया गया है। अब एसआईटी के पास 30 सितंबर 2022 तक जांच पूरी कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने का समय है। सिख विरोधी दंगे में कानपुर में 127 लोगों की हत्या हुई थी। फरवरी 2019 में शासन ने एसआईटी गठित की थी।
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हत्या कर डकैती के कानपुर के 11 मामलों की जांच एसआईटी ने की। साक्ष्य जुटाने, गवाह व वादी खोजने के साथ ही 66 आरोपियों की शिनाख्त की। लेकिन एक की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। लिहाजा छठवीं बार एसआईटी का कार्यकाल बढ़ाया गया है।
जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी
एसआईटी ने 80 से अधिक आरोपियों की शिनाख्त की। सत्यापन में पता चला कि 66 आरोपी ही जीवित हैं। एसआईटी एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि एक-दो की गवाही बाकी है। कागजी कार्यवाही पूरी कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।