सिख विरोधी दंगों में शामिल दो और आरोपियों को एसआईटी ने शनिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्डनेंस फैक्टरी का एक पूर्व कर्मचारी नेता भी शामिल है। एक आरोपी वर्तमान में कार्यरत है। आरोप है कि दंगों के दौरान इन दोनों ने भीड़ के साथ मिलकर अर्मापुर इस्टेट में पिता-पुत्र को मारकर जला दिया था।
घर में डकैती डाली थी। एसआईटी ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सिख विरोध दंगों के दौरान कानपुर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। अर्मापुर इस्टेट स्थित जी-1/557 में दंगाइयों ने बजीर सिंह व उनके बेटे सिम्मी सिंह की हत्या कर दी थी। पेट्रोल डालकर दोनों शव जला दिए थे। एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि हत्याकांड की एफआईआर ओएफसी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर देवी दत्त उपाध्याय ने दर्ज कराई थी।