सिख विरोधी दंगों में एसआईटी ने बुधवार तड़के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक पूर्व पार्षद का पति भी शामिल है। इन सभी की गिरफ्तारी किदवई नगर में हुए तिहरे हत्याकांड में की गई है। एसआईटी अब तक कुल 27 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। एसआईटी 11 केसों में कुल 74 आरोपियों को तलाश चुकी है।
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि एक नवंबर 1984 को हुए दंगे के दौरान किदवई नगर में दंगाइयों ने एक मकान पर हमला कर दिया था। लूटपाट करने के बाद रक्षपाल सिंह, भूपेंदर सिंह और सतवीर सिंह की हत्या कर दी थी। रक्षपाल और भूपेंदर के शव भी जला दिए गए थे।
इसी केस के पांच आरोपी बुधवार तड़के गिरफ्तार किए गए। दोपहर बाद पांचों आरोपियों को एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस केस में पूर्व मंत्री के भतीजे राघवेंद्र सिंह कुशवाहा समेत करीब एक दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। एसआईटी का दावा है कि दंगाइयों की भीड़ में पांचों आरोपी शामिल होकर वारदात को अंजाम दिया था।
शपथ पत्र से मिला साक्ष्य, लूट का माल हुआ था बरामद
एसआईटी ने रंगनाथ मिश्र आयोग से 137 शपथ पत्र जुटाए थे। यह शपथ पत्र दंगा पीड़ितों, गवाहों ने दिए थे। इसी में से कुछ शपथ पत्रों पर इन आरोपियों के नाम दर्ज थे। जिसमें यह स्पष्ट था कि इनके पास से लूट का माल बरामद हुआ था लेकिन इन आरोपियों को हत्या के केसों में आरोपी नहीं बनाया गया था। डीआईजी ने बताया कि इसी आधार पर इन सभी को आरोपी बनाया गया और अब गिरफ्तारी की गई।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- अनिल कुमार पांडेय, निराला नगर, किदवई नगर (पूर्व पार्षद पति)
- राम उर्फ बग्गड़, अकबरपुर, कानपुर देहात
- मुस्तकीम, निराला नगर, किदवई नगर
- अब्दुल वहीद, जूही लाल कालोनी, किदवई नगर
- इरशाद, जूही लाल कालोनी, किदवई नगर