पैथोलॉजी विभाग में मार्कर जांचों की अत्याधुनिक सिस्टम वर्ष 2017 में आ गया था, लेकिन इसे अब शुरू किया गया है। इम्युनो हिस्टोकेमिस्ट्री लैब का औपचारिक उद्घाटन सात जुलाई को हुआ। अब जांचें ढर्रे पर आ गई है। लैब में 30 जांचें हो चुकी हैं। पैथोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चयनिका काला ने बताया कि लैब में ओरल कैंसर, अंडाशय के कैंसर आदि की जांचें भी शुरू की जाएंगी। अभी ब्रेस्ट कैंसर की जांचें हो रही हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. वर्मा ने बताया कि सर्जरी विभाग में एक रेजीडेंट पंच बायोप्सी लेता है। सैंपल समय से आ जा रहे हैं। अभी सुविधा हैलट के रोगियों को ही दी जा रही है। रेट लिस्ट तय हो जाने पर बाहर के रोगी भी लैब का लाभ ले सकेंगे।
क्या होती है मार्कर जांच
कैंसर मार्कर में एस्ट्रोजन रिसेप्टर, प्रोजेस्ट्रान रिसेप्टर आदि की जांच होगी। इसमें कोशिकाओं का शुरुआती बदलाव पता चल जाता है। इसे कैंसर मार्कर कहते हैं। इन जांचों से कैंसर की गांठ बनने के पहले ही पता चल जाता है कि अमुक स्थान पर रोग पनप रहा है। यह टेस्ट कोशिकाओं में होने वाले रासायनिक बदलाव को भी पकड़ लेता है।