सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने रविवार रात अयोध्या से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे कानपुर लाई और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी दो हत्याकांड में आरोपी है। एसआईटी अब तक 36 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
जेल में एक आरोपी की मौत भी हो चुकी है। 31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। विरोध में भड़के दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। जिन केसों की जांच एसआईटी कर रही है।
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया दादा नगर की एक घटना में सरदार भगत सिंह व दूसरी घटना में जोगेंद्र सिंह, शीला रानी, दलजीत सिंह व सतनाम सिंह की हत्या कर दी गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि अयोध्या के मवई थाना क्षेत्र के कोडरा गांव निवासी ओमकार नाथ शुक्ला (76) शामिल था। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए। उसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई है।
मंदिर में सेवादार बन रह रहा था ओमकार
डीआईजी ने बताया कि ओमकार के पिता जेके मिल में काम करते थे। ओमकार ट्र्रक चलाता था। दंगों के बाद वह वापस अयोध्या चला गया था। कई अलग-अलग मंदिरों में रहता रहा। वहां सेवादार का काम करता रहा। वर्तमान में वह हनुमान गढ़ी में रह रहा था। वहीं से एसआईटी ने उसको पकड़ा।