फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेजुबानों संग अमानवीयता: सात नवजात पिल्लों को सड़क पर फेंका, तीन की तो आंख भी नहीं खुली, पशु प्रेमी कर रहे देखभाल

Thu, 01 Apr 2021 09:36 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बेजुबानों संग अमानवीयता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर में सात नवजात पिल्लों को कोई उनकी मां से अलग कर नई सड़क पर फेंक गया। इनमें से तीन की तो अभी आंखें भी नहीं खुली हैं। पशु क्रूरता की इस घटना का पता चलने पर पशु प्रेमी अभिजीत दत्ता ने पिल्लों की देखभाल शुरू की। मोहल्ले के लोगों को जागरूक करते हुए इनकी जान बचाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन


इसके चलते अभिजीत और उनके दोस्तों के अलावा मोहल्ले के लोग भी पिल्लों के पालन पोषण में जुट गए। परमट निवासी अभिजीत ने बताया कि उन्हें नई सड़क के एक दुकानदार ने दो दिन पहले सूचना दी कि उनकी दुकान के आगे कोई सात पिल्लों को छोड़ गया है।

उन्होंने वहां पहुंचकर पिल्लों की चिकित्सीय मदद की। दूध पिलाया। अभिजीत और उनके दोस्तों का पिल्लों की सेवा का क्रम जारी है। अभिजीत इन पिल्लों को किसी सुरक्षित स्थान पर रखना चाहते हैं, पर उनके पास कोई ऐसा स्थान नहीं है।
विज्ञापन


कुछ दिन पहले डबल पुलिया के पास एक दबंग ने चार पिल्लों को बोरी में भरकर कूड़े में फेंक दिया था, तब पीएफए (पीपुल्स फॉर एनिमल) की अध्यक्ष अर्चना त्रिपाठी ने इन पिल्लों को उनके स्थल तक पहुंचाने के साथ ही कल्याणपुर सीओ और थाना प्रभारी से शिकायत कर कार्रवाई कराई थी।

बेसहारा पशु, पक्षियों को उनकी मां से अलग करना पशु क्रूरता अधिनियम की धारा-11 के तहत अपराध है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। इसी तरह यदि किसी पशु को कहीं फेंक दिया जाता है या घायल कर दिया जाता है, जिससे उसकी मृत्यु हो जाए तो आईपीसी की धारा-429 के तहत एफआईआर हो सकती है। यह गैर जमानती अपराध है, जिसमें सात साल तक की कैद हो सकती है।- अर्चना त्रिपाठी, अध्यक्ष, पीएफए


पशु क्रूरता के हाल में हुए मामले 
- जरौली फेज-2 में बुधवार को एक पिल्ले को बुरी तरह पीटा गया। गंभीर हालत में सड़क पर छोड़ दिया। सूचना पाकर कुछ पशु प्रेमी पहुंचे। इलाज करते हुए उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन देर शाम उसकी मौत हो गई।

- बुधवार सुबह पशु प्रेमी गौरव वाजपेयी को सूचना मिली कि शास्त्री नगर में बालाजी कोचिंग के पास एक घायल कुतिया के पांच पिल्लों में से एक की मृत्यु हो चुकी है। दूसरे को आंख, सिर, गले में गंभीर चोटें हैं। उनकी मां भी पैर में चोट की वजह से चलने-फिरने में असमर्थ है। पशु प्रेमी मनहरकांत गेहानी, पल्लवी शुक्ला ने सड़क पर इलाज किया, पर उसे शेल्टर की जरूरत है। पशु प्रेमियों के अनुसार मोहल्ले वाले चाह रहे हैं कि इन बच्चों को वहां से हटा दिया जाए, जो गैरकानूनी है। 

- नाला रोड, बजरिया में एक हिस्ट्रीशीटर एवं पुलिस मुखबिर ने बेजुबानों को राड से बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। पशु प्रेमियों ने पुलिस से शिकायत की, पर हमलावर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पशु प्रेमियों को थाने से टरका दिया गया। पशु प्रेमी सोनम महेश्वरी के अनुसार हिस्ट्रीशीटर पहले भी एक कुत्ते की जान ले चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें