आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) की ओर से तैयार की गई बुलेट रजिस्टेंस जैकेट (आरबीजे) पर एके-47 की गोली भी असर नहीं करेगी। जवान दुश्मन को सामने से खड़े होकर ढेर कर सकता है। यह जाकेट 360 डिग्री से सुरक्षित है।
मतलब चारों ओर बुलेट प्रूफ प्लेटें लगाई गईं हैं। यह जानकारी निर्माणी के जनसंपर्क अधिकारी नोमान हाफिज ने स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लगी प्रदर्शनी में दी। प्रदर्शनी में नेट कामा फ्लोजी, टेंट आर्टिक, बैग आदि को भी प्रदर्शित किया गया।
नोमान हाफिज ने बताया कि चीन और भारत के बिगड़ते माहौल को देखते हुए और ठंड से बचाने के लिए ओईएफ प्रतिरक्षा उत्पादों को तैयार करने में तेजी से जुटा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में ऊष्मा प्रदान करने वाली डिवाइस से लैस टेंट आर्टिक भी बनाया है।
इसका भारतीय सेना में बखूबी इस्तेमाल हो रहा है। वहीं निर्माणी ने स्पेशल नेट तैयार किया है। यह जाल ऑपरेशन के दौरान दुश्मनों की आंखों में धूल झोंकने के काम आता है। इस नेट को किसी भी सामान को छिपाने में प्रयोग किया जाता है। वहीं बैग स्लीपिंग को पहनकर जवान माइनस 50 डिग्री में भी अपने शरीर को गर्म रख सकता है। हाल में 3500 बैग बनाने का एयरफोर्स की तरफ से ऑर्डर मिला है।
बूट क्रैम्पन पर चल रहा ट्रायल
ओईएफ ने एक ऐसा बूट क्रैम्पन तैयार किया है, जो भारतीय सेना के जवान माइनस 60 डिग्री के तापमान पर भी पहन सकेंगे। बूट के नीचे अलग से नुकीले तार लगाए गए हैं। इन्हें पहनकर जवान बरफ में आसानी से चल सकेंगे। इसका ट्रायल चल रहा है।