दाल, चावल, अनाज, दही-लस्सी आदि के लिए अब लोगों को अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे। जरूरत की तमाम वस्तुओं पर सरकार ने जीएसटी की दरें बढ़ा दी हैं। सरकार ने कई वस्तुओं को पहली बार जीएसटी के दायरे में लाया है।
पिछले एक सप्ताह में हरी सब्जियों के दामों में लगे तड़के ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। लौकी 40 रुपये किलो तो कद्दू 20 रुपये किलो हो गया है। हरी धनिया 350 रुपये किलो में है। अदरक के भाव भी 80 रुपये किलो हो गए हैं। गोभी 50 से 100 रुपये प्रति पीस है। टमाटर जरूर 10 रुपये सस्ता हुआ है और आलू के दाम स्थिर हैं। चक्की आटा एक रुपये प्रति किलो बढ़कर 25 रुपये हो गया है। हालांकि दालों के दाम स्थिर हैं। वहीं सरसों और रिफाइंड के दाम 20 रुपये लीटर कम हुए हैं।
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उधर, जीएसटी काउंसिल ने लोकल खाद्य पदार्थों और प्री पैकेज्ड उत्पादों पर पांच फीसदी जीएसटी प्रस्तावित की थी। कंपनियों ने डीलरों को 18 जुलाई के बाद से ही बढ़े दाम पर उत्पाद मिलने की जानकारी दी है। दाम बढ़ने के बाद आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। वहीं एक लीटर दूध के दाम 55 रूपये व डेयरी वाले एक लीटर दूध के दाम 58 रुपये हैं।
सब्जियों के दाम प्रति किलो रुपये में
सब्जी
एक सप्ताह पहले
अब
लौकी
20
40
कद्दू
10
30
तरोई
30
50
करेला
40
50
टमाटर
50
70
आलू
20-25
20-25
प्याज
15-20
30-40
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दालों के भावों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं
दाल
पहले
अब
अरहर फूल
110-115
120-125
अरहर स्पेशल
85
80-82
चना दाल
60
56-60
उड़द हरी
140
150
तेल के दाम
पहले
अब
सरसों का तेल
180
185
रिफाइंड
190
200
बातचीत
बाजार में सब कुछ महंगा ही बिक रहा है। बताया जा रहा है कि आटा, दाल, चावल, दही आदि के दाम बढ़ने वाले हैं। इससे से तो किचन का बजट ही बिगड़ जाएगा। - आकांक्षा बाजपेई
महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। कभी फल महंगे हो रहे हैं तो कभी सब्जी महंगी हो रही है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है।- उपमा द्विवेदी
टमाटर छोड़कर हरी सब्जियां और महंगी हो गई हैं। हरी धनिया 350 रुपये किलो में बिक रही है। चक्की वाला आटा भी महंगा हो गया है। - संगीता तिवारी
महंगाई से घर का खर्च बढ़ता जा रहा है और बचत कम हो गई है। सब्जी, फल सब कुछ महंगा है। किचन का बजट बढ़ता ही जा रहा है। - सुनीता द्विवेदी