कानपुर। सिविल लाइंस स्थित सीए संस्थान में रविवार को बजट पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें चार्टर्ड एकाउंटेंटों ने बताया कि कर प्रणाली को सरल बनाने और छोटे व्यवसायों को मजबूत समर्थन देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। संशोधित और विलंबित रिटर्न अब वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद मामूली शुल्क के साथ भरे जा सकेंगे। रिटर्न भी अब पुनर्मूल्यांकन के बाद दाखिल किए जा सकेंगे जिन पर कुल कर का दस प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया जाएगा।
सीए, सीएस जैसी पेशेवर संस्थाएं अब संयुक्त रूप से कॉरपोरेट मित्र कार्यक्रम शुरू करेंगे। इनके माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों को दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में नियामकीय अनुपालन, जीएसटी, आयकर दस्तावेज़ीकरण और व्यापार सलाह उपलब्ध कराएंगे। यह पहल छोटे उद्योगों के लिए जमीनी स्तर पर पेशेवर सहायता को बढ़ाने वाला कदम मानी जा रही है। वक्ताओं ने बताया कि सरकार ने पुराने आयकर कानून 1961 की जगह नया आयकर अधिनियम 2025 लागू करने की घोषणा की है जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। नए कानून का उद्देश्य प्रावधानों को सरल बनाना, विवाद कम करना और नियमों की भाषा को आसान बनाना है। सरकार जल्द ही नए रिटर्न फॉर्म और सरल अनुपालन नियम जारी करेगी। इस मौके पर विनय जैन, नवीन भार्गव, यूएस गुप्ता आदि थे।