27 मई 2021 को बीआईसी ने 19 बंगलों की सेल डीड निरस्त कर दी थी। इन 19 बंगलों में केवल 25 फीसदी ही भुगतान हुआ था। मैफील्ड बंगले की उस समय दो करोड़ 20 लाख की बोली लगाई गई थी। इस बंगले की बिक्री का करार आईआईए के पूर्व अध्यक्ष पीसी कुरेले और बीआईसी के बीच हुआ था। 50 लाख रुपये जमा कराए गए थे।
कब्जा बीआईसी का ही था, लेकिन पीसी कुरेले ने दूसरा एग्रीमेंट बिल्डर समीर अग्रवाल के नाम 2011 में कर दिया था। इसका करोड़ों में सौदा हुआ था, जबकि इस तरह का एग्रीमेंट किया ही नहीं जा सकता था। बिल्डर बंगले में शादी ब्याह करवाता था, जिसकी शिकायत कपड़ा मंत्रालय में की गई थी।
ग्वालटोली इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बीआईसी के अफसरों की मौजूदगी में कब्जा दिलाया गया। अफसरों ने अब अपना ताला डाल दिया है। इस दौरान बीआईसी कमेटी के एसके उपाध्याय, मनीष शुक्ला, पीके सिंह, आरबी सिंह आदि थे।
दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
कब्जा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग,उसका दोबारा करार करने पर बिल्डर समीर अग्रवाल और पीसी कुुरेले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।