कानपुर देहात। कानपुर-झांसी रोड पर स्थित पुखरायां बस स्टैंड पर 10 वर्ष से कोई बस रुक नहीं रही थी। इस वजह से यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अमर उजाला ने समस्या को प्रमुखता से उठाया तो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने संज्ञान लिया। आदेश जारी किए कि कानपुर-झांसी रोड पर चलने वाली सभी बसें पुखरायां बस स्टैंड पर रुकेंगी। इसके लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
जनपद का सबसे पहला बस अड्डा पुखरायां में बना था। इसके बाद भी रोडवेज बसें यहां पर न आकर बाईपास से चली जाती थीं। यह समस्या पिछले 10 वर्ष से बनी हुई है। इस वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ता और वैन या फिर डग्गामार बसों का सहारा लेकर अपने गंतव्य को जाना पड़ता है।
रोडवेज बस से सफर के लिए यात्रियों को कस्बा बाईपास सिखमापुर मोड़, नगरपालिका रोड के सामने, हरदुआ ऐमा फ्लाईओवर के किनारे और पटेल चौक तक पैदल जाना पड़ता था। वहीं कस्बे के अंदर से कालपी, घाटमपुर और कानपुर के लिए चलने वाले वाहनों के चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं।
अमर उजाला ने 25 दिसंबर के अंक में यात्रियों की समस्या को प्रमुखता से उठाया तो माती डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने इसे संज्ञान में लिया। उन्होंने कहा कि पुखरायां स्टैंड में बसें न आकर बाईपास से सवारियां बैठा रहीं हैं, यह मुख्यालय के आदेशों के खिलाफ है।
इससे यात्रियों को असुविधा होती है। इस वजह से कानपुर-झांसी पर चलने वाली सभी बसें पुखरायां बस स्टैंड पर भेजी जाए। इसके लिए यातायात निरीक्षक सुरेंद्र सिंह और माती डिपो प्रभारी अजय दीक्षित की ड्यूटी लगाई गई है।
यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। पुखरायां बस डिपो में बस रोक कर यात्रियों को ले जाने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। - स्वदेश निगम, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, माती डिपो।