कानपुर: अधिवक्ता राजाराम की गोली मारकर हुई थी हत्या
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अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में सरेंडर कर जेल गए मुख्य साजिशकर्ता रामखिलावन के बयान पुलिस ने मंगलवार को जेल में जाकर दर्ज किए। इस दौरान वह विवेचक के सवालों से बचता रहा, उन्हें गुमराह करता रहा। हालांकि कुछ सवालों में वह फंस गया। जिससे आशंका पुख्ता हो रही है कि प्रॉपर्टी विवाद में ही उसने हत्याकांड को अंजाम दिलाया।
नवाबगंज की गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी में 22 दिसंबर की शाम को राजाराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर सुपारी लेने वाले अंकित यादव शूटर दिलनाज व रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस ने दावा किया था कि सुपारी नवाबगंज निवासी रामखिलावन ने दी है। इस बीच रामखिलावन एक अन्य केस में कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था। मंगलवार को पुलिस ने जब रामखिलावन के बयान लिए तो वह साजिश में शामिल होने से इनकार करता रहा।
उसका कहना था कि वारदात से उसका कोई कनेक्शन नहीं है। वह कई बार पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। मगर कुछ जवाब ऐसे दिए जिससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि प्रॉपर्टी की वजह से उसने साजिश रची। सुपारी दी और राजाराम की हत्या करवा दी।
क्योंकि राजाराम की हत्या से उनकी आधी प्रॉपर्टी रामखिलावन के दो अधिवक्ताओं के नाम होनी थी। जिसका एग्रीमेंट भी हो चुका था। इसमें उसको करोड़ों का फायदा होता। यह पुलिस का दावा है। एसीपी स्वरूपनगर व्रज नारायण सिंह ने बताया कि मामले की तफ्तीश जारी है।
अभी तक एनआरआई सिटी के मालिकों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। नामजद आरोपी राजबहादुर की भूमिका भी जांची जा रही है। एक करीबी शख्स आरोपी बन सकता है। उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।