जिला प्रशासन नजूल की संपत्ति लिखा हुआ बोर्ड लगाएगा
वहीं, तहसीलदार सदर रितेश कुमार, नायब तहसीलदार गुरुवार की शाम पुलिस फोर्स के साथ एपी फैनी कंपाउंड पहुंचे और जिला प्रशासन का ताला लगा दिया। साथ ही कंपाउंड में अवैध तरीके से रह रहे 10 लोगों को एक सप्ताह में जमीन खाली करने का आदेश दिया। अफसरों ने हिदायत दी कि तय समय पर जमीन खाली न करने पर बल पुलिस जमीन को खाली कराएगी। अफसरों के मुताबिक, शुक्रवार को कंपाउंड में जिला प्रशासन नजूल की संपत्ति लिखा हुआ बोर्ड लगाएगा।
खरीद-फरोख करने वालों के साथ ही गवाह भी बन सकते है आरोपी
एपी फैनी कंपाउंड की जमीन फर्जी दस्तावेज के सहारे बेचने के मामले की विवेचना कर्नलगंज पुलिस ने शुरू कर दी है। विवेचना में इसका दायरा बढ़ेगा। इसमें जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के साथ ही परोक्ष व अपरोक्ष रूप से शामिल लोग भी कार्रवाई की जद में आएंगे। लेखपाल विपिन कुमार के अनुसार, सन् 1861 में पहली बार ब्रिटिश शासनकाल में दि चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन के साइनिंग अथॉरिटी अर्पित मिश्र ने तलाक महल निवासी मोहम्मद सलीम उर्फ सलीम बिरयनी को 450 वर्गगज भूमि लीज पर दी।
जमीन बेचने में बढ़ेगा जांच का दायरा
ऐसे ही अनाथालय के लिए लेडी सुपरिटेंडेंट सोसाइटी फॉर प्रॉपगेशन (एसपीजी) मिशन को लगभग 20 हजार वर्गमीटर जमीन 99 साल के पट्टे पर दी गई थी। इसके बाद 1877 में कल्लूमल आदि ने एसपीजी मिशन को बैनामा कर दिया। फिर 1945 में जमीन एलडीटीए को दी गई। इसी तरह वर्ष 2008 में एलडीटीए ने यह जमीन दि चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन को 100 रुपये के स्टांप पर दे दी।
2021 से शुरू की गई अवैध बिक्री, 26840 वर्ग गज जमीन बेची गई
फिर 28 जनवरी 2020 को अनिल कुमार ने श्रेयश सचान के पक्ष में 100 वर्गगज भूमि रिहायशी स्टांप पर बेच दी। इधर, एलडीटीए के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन मो. रेव जॉनसन टी जॉन ने भूमि को आवासीय बताते हुए 16190 वर्गमीटर इरशाद हुसैन, सैफ अहमद, दानिश खलीली, अनूप कुमार जायसवाल को बेच दी। वहीं, दि चर्च ऑफ इंडिया एसोसिएशन का ट्रस्टी बताते हुए अनिल कुमार ने 100-100 वर्गगज के दो भूखंड पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया को बेच दिए।
राजस्व विभाग के लेखपाल की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। अब पुलिस ने विवेचना के दौरान दायरा बढेगा और जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल लोग भी कार्रवाई की जद में आएंगे। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर