सिविल लाइंस नजूल की जमीन जहां कब्जे का प्रयास हुआ था वहां फिर तैनात की गई पीएसी
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कानपुर में नजूल की संपत्तियों के रजिस्टरों की जांच कर नई रिपोर्ट तैयार करने का काम रुक गया है। दरअसल, पटल बाबू प्रदीप निगम एक सप्ताह से कार्यालय से गायब हैं। उनके बारे में न किसी अधिकारी को जानकारी है और न ही किसी साथी को। वहीं दूसरे बाबू बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
सिविल लाइंस स्थित नजूल की संपत्ति पर कब्जा करने का मामला सामने आने के बाद एडीएम वित्त राजेश कुमार के कार्यालय में कई वर्ष पहले तैयार किए गए नजूल संपत्तियों के 40 रजिस्टर मिले थे। इसके आधार पर नजूल की संपत्तियों की जानकारी प्रशासन हासिल कर रहा है। इन रजिस्टरों पर लिखा है कि नजूल की संपत्ति किन लोगों को कब और कितने समय के लिए दी गई। इनके कई अभिलेख रजिस्ट्री विभाग में नहीं मिले रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन इन रजिस्टरों के आधार पर ही नजूल की संपत्तियों की जांच कर कब्जेदारों पर कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी ने नजूल के सभी रजिस्टर की जांच कर नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने के लिए नजूल बाबू प्रदीप निगम और सोमिल को निर्देश दिए थे। एक सप्ताह पहले सोमिल के बच्चे की तबीयत खराब होने पर एडीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर छुट्टी पर चली गईं। इसके बाद तीन दिन पहले प्रदीप निगम बिना बताए कार्यालय से गायब हो गए।