अधिकारियों पर फोड़ा ठीकरा
सूत्रों के अनुसार इन सभी ने वित्तीय लाभ व गिफ्ट मिलने के सवाल पर खुद को बचाने का प्रयास किया। सारा ठीकरा बडे अधिकारियों पर फोड़ने का प्रयास किया। इन सभी ने माना है कि जेल में इन अधिकारियों के इशारे पर कई बार गैरकानूनी तरीके से विधायक अब्बास अंसारी व उसकी पत्नी निखत को मिलाया गया है।
इन डिप्टी जेलर व वार्डरों के सामने सबकुछ घटा
इसकी सभी को जानकारी है, लेकिन बडे़ अधिकारियों के दबाव में वह कुछ बोल नहीं पाते थे। बताया यह भी गया है कि दस फरवरी को भी इन डिप्टी जेलर व वार्डरों के सामने सबकुछ घटा। विधायक अब्बास व उसकी पत्नी निखत को बचाने का पूरा प्रयास हुआ।
बैंक खाते का लेनदेन निकाला गया
इन सभी के परिजनों से बातचीत की गई है। विवेचना के दौरान टीम इन सभी के बैंक खाते के अलावा इनके परिजनों के पास भी जाकर टीम जानकारी जुटा रही है। बताया गया कि डिप्टी जेलर व इन वार्डरों और इनके परिजनों के तीन माह के बैंक खाते के लेनदेन का स्टीमेट निकाला गया है।
सभी को वित्तीय लाभ व गिफ्ट मिला
माना जा रहा है कि अब्बास व निखत समेत उनके परिजनों को नियमों के विपरीत मिलने और जेल में अब्बास को सामान्य लोगों की तरह की सुविधाएं देने के लिए जेल के अधिकारियों समेत उन सभी को वित्तीय लाभ व गिफ्ट दिया गया है। इसका बंटवारा चर्चित वार्डर जगमोहन ही करता था।
जगमोहन चाहता था, वहीं होता था
पूछताछ में इन सभी ने यह तो माना है कि जो जगमोहन चाहता था, वही जेल में होता था। वह अक्सर अब्बास की सुविधाओं को लेकर ही मुख्य काम करता था। यह भी माना जा रहा है कि बड़े अधिकारियों समेत अब्बास के परिजनों से मिलने वाली सुविधाओं का बंटवारा डयूटी पर रहने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को क्रमवार मिलता था।
पूछताछ के लिए पकड़े गए लोगों को छोड़ा
जेल प्रकरण में अब्बास निखत के अलावा जेल अधिकारियों से संपर्क साधने व सुविधाएं पहुंचाने के शक में जिले के कई लोगों को जांच टीम ने पूछताछ के लिए पकड़ा था। इसमें सभी के बयान दर्ज कर छोड़ दिया गया है। कुछ युवकों को यह कहकर छोड़ा गया है कि जब जांच टीम को जरूरत होगी, तो उसे पूछताछ के लिए आना होगा।