फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: एक साल से जेल में बंद युवक बेगुनाह साबित, दुष्कर्म में फंसाया था…अब युवती पर चलेगा मुकदमा, पढ़ें पूरा मामला

Sun, 13 Oct 2024 11:44 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीडि़ता की नानी ने बयान में कहा कि वह पढऩा-लिखना नहीं जानती। उसने थाने में बैठे आदमी से तहरीर लिखाई थी, जिस पर उसने हस्ताक्षर बना दिए। कोर्ट में गवाहों के मुकरने से अभियोजन की कहानी झूठी साबित हुई और कोर्ट ने अभियुक्त को बरी कर दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में भाई का उसके साले से झगड़ा होने के कारण भाई को जेल जाना पड़ा, तो बहन ने बदला लेने के लिए भाई के साले पर दुष्कर्म का झूठा आरोप मढ़ दिया। एक साल तक युवक को उस गुनाह के लिए जेल में रहना पड़ा, जो उसने किया ही नहीं।

विज्ञापन

कोर्ट में पीडि़ता, उसकी बहन और नानी बयान से मुकर गईं। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट योगेश कुमार ने जहां अभियुक्त को दोषमुक्त करार दिया वहीं झूठी गवाही देने वाली पीडि़ता और उसकी नानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं।

पनकी थानान्तर्गत महामायापुरम निवासी किशोरी की नानी ने 28 अक्टूबर 2023 को पनकी थाने में मोहल्ले के रहने वाले गोविंद निषाद के खिलाफ दुष्कर्म, गाली-गलौज, छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 26 अक्टूबर की रात पीड़िता अपनी बहन और नानी के साथ घर लौट रही थी।

चाकू लहराते हुए भाग निकला था गोविंद
तभी अंधेरे में गोविंद पीडि़ता का मुंह दबाकर घसीट ले गया और दुष्कर्म किया। पीडि़ता की चीख सुनकर उसकी बहन और नानी दौड़े, तो गोविंद चाकू लहराते हुए भाग निकला। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गोविंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अधिवक्ता सलीम ने बताया कि कोर्ट में पीडि़ता ने बयान में कहा कि भाई-भाभी का प्रेम विवाह हुआ था।

बयान में कहा- उसने गोविंद को कोई घटना करते नहीं देखा
गोविंद उसके भाई का साला है। गोविंद का उसके भाई से झगड़ा हो गया था जिस कारण भाई को जेल जाना पड़ा था। इसी रंजिश में उसने झूठा मुकदमा लिखा दिया। उसने गुस्से में आकर मजिस्ट्रेट को झूठा बयान देने की बात कही। घटना की चश्मदीद गवाह पीड़िता की बहन ने बयान में कहा कि उसने गोविंद को पीड़िता के साथ कोई घटना करते नहीं देखा और न ही बहन ने उसे कुछ बताया।
विज्ञापन

झूठी साबित हुई अभियोजन की कहानी
घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीडि़ता की नानी ने बयान में कहा कि वह पढऩा-लिखना नहीं जानती। उसने थाने में बैठे आदमी से तहरीर लिखाई थी, जिस पर उसने हस्ताक्षर बना दिए। गोविंद ने उसकी नातिन के साथ कोई घटना नहीं की थी। कोर्ट में गवाहों के मुकरने से अभियोजन की कहानी झूठी साबित हुई और कोर्ट ने अभियुक्त को बरी कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें