इकलौते बेटे को खोकर मां हुई बेसुध
खबर पाकर अस्पताल पहुंची याशमीन एकलौते बेटे को खोकर बेसुध हो गई। उसे सभी ढांढस बंधाते रहे। जीशान ने बताया कि उन्हें जाजमऊ से किसी ने फोन पर मोहल्ले के लड़कों के डूबने की जानकारी दी। उनके मोबाइल फोन पर फोटो देखे, तो वह घर में रहने वाला लईक ही निकला।
मां बोली- अब किसके सहारे जिंदा रहूंगी
वहीं अन्य भी मुहल्ले के हैं। बताया कि लईक बेहद सीधा लड़का था। अब तक यकीन नहीं हो रहा है कि उसकी मौत हो गई। घटना के बाद लईक की मां पहले जाजमऊ पहुंची। इसके बाद कांशीराम अस्पताल में बेटे को शव को देख चीत्कार मार रोती रही। बोली कि अब वह किसके सहारे जिंदा रहेंगी। बड़ी मन्नत के बाद मुझे मिले थे।
सगे भाई साथ नहा रहे थे किनारे, घटना से सहमे
प्रदीप (16) और लईक (14) के साथ मुहल्ले के शाहरुख के बेटे अल्फैज (9) और अल्तमस (13) भी नहाने गए थे। इसमें अल्फैज और अल्तमस किनारे पर नहा रहे थे। वहीं, प्रदीप और लईक डूबने लगे, तो उन्होंने शोर मचाया। घटना के बाद वह बहुत सहमे हैं। उनके परिजन भी वहां आ पहुंचे।
किशोरों को डूबता देख लगा दी छलांग, तीन को बचाया
नहाने के लिए गंगा में उतरे लईक और प्रदीप नहाते नहाते गहराई में जा पहुंचे। इस दौरान लईक और प्रदीप डूबने लगे। यह देख सभी ने मदद के लिए शोर मचाया। इस पर मौजूद जाजमऊ टीले निवासी सलमान ,असीम नाना आदि उन्हें बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े।
मौसम सुहाना देख बनाया नहाने का प्लान
गंगा में नहाने गया राजू का बेटा प्रदीप (16) मिठाई की दुकान में काम करता है। उसने बताया कि मौसम सुहाना देख नमाज के बाद वह लोग गंगा पार से पैदल ही जा पहुंचे थे। नहाते नहाते गहराई में जा पहुंचे, जहां डूबने लगे। बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। दोस्त की लईक की मौत से तीनों आहत थे।
भंवर में फंस गया था लईक, नहीं निकल सका
जाजमऊ थाना प्रभारी राम बाबू ने बताया कि लईक और प्रदीप नहाते नहाते धारा के बीच पहुंच गए थे। इस दौरान लईक भंवर में फंस गया, जिससे वह निकल नहीं सका। गोताखोरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सभी नाबालिग हैं, और वह अचानक प्लान बनाकर यहां आ पहुंचे थे।