अंशुमान ने बताया कि बेटे के आईक्यू लेवल को मंडलीय मनोविज्ञान कार्यालय में जांचा गया था। अब उसे यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त किसी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में नौवीं में दाखिला दिलाया जाएगा। बोर्ड ने यशवर्धन के उच्च बौद्धिक स्तर को देखते हुए यह निर्णय लिया है।