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नियमों पर भारी पुलिस की यारी, दुष्कर्म के आरोपी की खूब खातिरदारी

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कानपुर देहात। चकेरी में बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी रिटायर्ड इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी के साथ खाकी खूब यारी निभा रही है। गुरुवार को निजी वाहन से कानपुर कारागार से उसे माती कोर्ट लाया गया। इस दौरान न तो उसके हाथों में हथकड़ी थी और न ही सख्त पहरा। दो सिपाही गार्ड की तरह उसके पीछे चल रहे थे वह खुद जेब में हाथ डालकर आगे चल रहा था।
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अकबरपुर कोतवाली में वर्ष 2013 में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी ने हत्या और लूट की वारदात के केस में विवेचना की थी। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। गुरुवार को उसे बहस के लिए कोर्ट बुलाया गया था।
बाइक से आए दो युवक उसके खाने पीने का सामान लेकर पहुंचे थे। जिस इनोवा से दिनेश त्रिपाठी को लाया गया था वह बंगला बिल्डिंग नयागंज कानपुर की बालाजी बुलियन्स केयर ऑफ श्रीनाथ गुप्ता फर्म के नाम पंजीकृत है।
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सिपाही बोला इतना तो फर्ज बनता ही है
सिपाही से हथकड़ी न लगाने के बारे में पूछने पर उसने कहा कि विभाग में रहने का इतना फर्ज तो बनता ही है। सिपाही को दिनेश ने बताया था कि यहां तीन साल तक कोतवाल रहे हैं। उस समय उनकी तूती बोलती थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता बोले कैसे इंस्पेक्टर रहे हो
हत्यायुक्त लूट में विवेचना करने वाले पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की। इसमें वह अधिकांश प्रश्नों में याद नहीं है कहता रहा। इससे झल्ला कर अधिवक्ता ने कहा कैसे सीनियर इंस्पेक्टर रहे हो कुछ याद नहीं आ रहा है।
अधिवक्ता ने कहा कि विवेचना आपने की है या फिर किसी और ने। वह बहस में कुछ ही प्रश्नों का जवाब दे सका। एंटी डकैती कोर्ट के सहायक शासकीय अधिवक्ता अशीष तिवारी ने कहा कि मामले में बहस चल रही है। 21 अगस्त को फिर सुनवाई होगी।
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