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दो माह में ई डिस्ट्रिक बन जाएगा शहर

Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
Kanpur
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कानपुर। अपना शहर दो माह में ई-डिस्ट्रिक बन जाएगा। इसके लिए तीन चरणों का काम पूरा हो चुका है। कलेक्ट्रेट में ई लैब भी बन कर तैयार हो गई है। डीएम से लेकर लेखपाल तक का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। शहर ई डिस्ट्रिक बनने के बाद नौ विभागों के करीब 26 काम और योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह सभी काम पेपर लेस हो जाएंगे। लेखपाल से लेकर अफसरों तक की रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही लगेगी।
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प्रदेश सरकार ने ई डिस्ट्रिक का पैटर्न लागू करने का आदेश दिया था। इसे चार चरणों में पूरा करना है। पहले चरण में जिले में सर्व हुआ था। इसमें सरकारी दफ्तरों में नौ विभागों से जुड़े करीब 26 कामों के संबंधित लोगों को कप्यूटर मुहैया कराना और उनके स्थान चिह्नित करने का था। दूसरे चरण में सेंट्रल फार ई गवर्नेस से कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर, नेट सुविधा के लिए लाइन की व्यवस्था की गई। इसी के तहत कलेक्ट्रेट में ई लैब तैयार की गई। चौथे चरण में अफसरों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण चला। अब आखिरी बैच का प्रशिक्षण रह गया है। आखिरी चरण में सभी संबंधित अफसरों और कर्मचारियों को पासवर्ड आवंटन होना है। ई डिस्ट्रिक मैनेजर संदीप कुमार यादव ने बताया कि अपना जिला करीब दो माह में ई डिस्ट्रिक हो जाएगा। एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि इस योजना पर काफी तेजी सेे काम पूरा किया गया है। यह सुविधा लोगों को जल्द मिलने लगेगी।
इनसेट-

इनके आवेदन होंगे ऑन लाइन
आय, निवास, जाति, खतौनी की नकल, नए राशनकार्ड, राशनकार्ड नवीनीकरण, राशनकार्ड में संसोधन और समर्पण, नगरीय क्षेत्र में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, विधवा पेंशन, महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, दहेज उत्पीड़न में महिलाओं को कानूनी सहायता, पति की मृत्यु केबाद निराश्रित महिला की पुत्री के विवाह के लिए अनुदान योजना, दंपत्ति पुरस्कार (35 वर्ष से कम आयु की विधवा महिला के विवाह के लिए योजना), विकलांग व्यक्ति के विवाह पुरस्कार, विकलांग को कर्ज के लिए आवेदन, विकलांगों द्वारा संयत्रों आदि की खरीद के लिए सहायता के लिए आवेदन, रोजगार पंजीकरण और पंजीकरण नवीनीकरण, वृद्धावस्था पेंशन, परिवार लाभ, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, शादी और बीमारी अनुदान, अत्याचारों के बारे में शिकायत के लिए आवेदन, कुटुंब रजिस्टर की नकल के लिए आवेदन
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फिर इस तरह होगा काम
कोई भी व्यक्ति योजनाओं और तहसील प्रमाणपत्रों के लिए मैनुअल फार्म भरने की बजाय जन सुविधा केंद्रों पर पहुंचकर आवेदन करवाएगा। जन सुविधा केंद्र इन आवेदनों को संबंधित अफसरों के पास ऑनलाइन भेजेगा। अफसर लेखपाल या संबंधित व्यक्ति से सत्यापन करने को कहेंगे। यह लोग सत्यापन के बाद ऑनलाइन अपनी रिपोर्ट लगाएंगे। इसके बाद संबंधित अफसर संबंधित आवेदन या तहसील प्रमाणपत्र जारी कर देगा। इसके बाद जन सुविधा केंद्र से तहसील प्रमाणपत्र समेत अन्य प्रमाणपत्र आवेदक को मिल जाएगा।
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