कानपुर। देवोत्थनी एकादशी यानी 24 नवंबर से शहर में शहनाई की गूंज सुनाई पड़ने लगेगी। 24 को सीजन की पहली लग्न है। इस बार नवंबर से फरवरी तक सिर्फ 21 लग्न मुहूर्त हैं।
ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार मलमास तारा अस्त होने के क ारण 4 माह में रात्रि और दिवा लग्न की सिर्फ 21 मुहूर्त हैं। देवोत्थनी एकादशी को पहला नौ रेखीय लग्न है। इसके बाद 15 दिसंबर को खरमास लगने से 13 जनवरी 2013 तक लग्न व मांगलिक क ार्य बंद रहेंगे । 16 जनवरी से 14 फरवरी तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। 16 फ रवरी की सुबह शुक्र अस्त होगा जो 23 अप्रैल की शाम को उदय होगा। इसी बीच 15 मार्च से 10 अप्रैल तक मीन मलमास और 20 से 27 मार्च तक होलाष्टक भी रहेगा। इस समयावधि में मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। ज्योतिषाचार्य आचार्य सत्येंद्र अग्निहोत्री के अनुसार इस बार दिसंबर में सबसे कम 3 लग्न और जनवरी-फरवरी में सबसे अधिक 8 लग्न रहेंगे। 14 फ रवरी क ो वसंत पंचमी क ा अबूझ मुहूर्त रहेगा।
शुभ लग्न मुहूर्त
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24 नवंबर 2012 (गोधूली)
28 नवंबर (रात्रि लग्न)
29 नवंबर (दिवा व रात्रि लग्न)
30 नवंबर (दिवा व रात्रि लग्न)
5 दिसंबर (रात्रि लग्न)
7 दिसंबर (दिवा व रात्रि लग्न)
8 दिसंबर (दिवा व रात्रि लग्न)
16 जनवरी 2013 (रात्रि लग्न)
17 जनवरी (दिवा व रात्रि लग्न)
18 जनवरी (दिवा लग्न)
23 जनवरी (दिवा व रात्रि लग्न)
30 जनवरी (रात्रि लग्न)
31 जनवरी (दिवा व रात्रि लग्न)
1 फ रवरी (दिवा व रात्रि लग्न)
4 फ रवरी (रात्रि लग्न)
5 फ रवरी (दिवा व लग्न)
6 फ रवरी ( रात्रि लग्न)
7 फ रवरी (दिवा लग्न)
8 फरवरी (दिवा लग्न)
13 फरवरी (रात्रि लग्न)
14 फरवरी (दिवा व रात्रि लग्न)
नोट-यहां पर दिवा का मतलब दिन से है।
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