Kanpur News: जमीयत उलेमा-ए-हिद का तालीमी बोर्ड इन मकतबों की देखरेख के लिए 60 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगा। शिक्षा देने वालों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बच्चों को मौजूदा समय के मद्देनजर शिक्षण कार्य करा सकें। बच्चों और उनके माता-पिता को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करना होगा।
कानपुर में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के 53 जिलों के जमीयत उलेमा-ए-हिंद से जुड़े मदरसा शिक्षकों और उलेमा की बैठक शुक्रवार को जाजमऊ के मदरसा जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम में हुई। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महामंत्री मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में बैठक हुई।
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इसमें तय हुआ कि इन तीनों राज्यों के उन इलाकों में अगले एक साल में 760 मकतब (मदरसों की छोटी इकाइयां) खोले जाएंगे। यहां बच्चों की पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मदरसों को अपनी आय का 10 प्रतिशत हिस्सा मकतब में खर्च करना होगा।
इससे गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाई जा सके। समाज में सकारात्मक काम करना है, तो सबसे अहम समाज को शिक्षित करना है। जमीयत उलेमा-ए-हिद का तालीमी बोर्ड इन मकतबों की देखरेख के लिए 60 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगा। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे बच्चों को मौजूदा समय के मद्देनजर शिक्षण कार्य करा सकें।