कानपुर के झींझक में बुधवार को महाबोधि एक्सप्रेस से मवेशी के टकराने से टूटी ओएचई लाइन से दिल्ली से कानपुर आने वाली डाउन रेलवे लाइन आठ घंटे से अधिक तक बंद रही। इस दौरान 76 ट्रेनें लेट हुईं। न सिर्फ दिल्ली से कानपुर आने वाली ट्रेनों के टाइम टेबल पर फर्क पड़ा बल्कि आकर वापसी दिल्ली जाने वाली ट्रेनें भी छह से नौ घंटे तक लेट हो गईं। तमाम यात्रियों ने अपने टिकट कैंसिल करा दिए। कानपुर से आठ सौ से अधिक टिकट निरस्त हो गए।
छह घंटे की देरी से सुबह तीन बजे पहुंची रिवर्स शताब्दी
झींझक से कानपुर के बीच ओएचई लाइन बंद होने से ट्रेनें पीछे फंसी थीं। अकेले 17 ट्रेनें तो जहां के तहां रुक गई थीं। जबकि 50 से अधिक ट्रेनों को दिल्ली से रवाना भी नहीं किया गया था। बुधवार को रात पौने नौ बजे के बजाय रिवर्स शताब्दी सुबह तीन बजे आ सकी। इस वजह से गुरुवार को सेंट्रल से सुबह छह बजे के बजाय ट्रेन सुबह 10:25 बजे पहुंची।
डिब्रूगढ़, सियालदह, पटना, भुवनेश्वर, हावड़ा राजधानी बुधवार रात नौ से साढ़े नौ बजे के बजाय गुरुवार सुबह चार से साढ़े चार बजे के बीच पहुंची। गोमती एक्सप्रेस लखनऊ छह घंटे की देरी से पहुंची और गुरुवार को भी छह घंटे की देरी से दोपहर दो बजे कानपुर सेंट्रल से रवाना हुई। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, संपूर्णक्रांति एक्सप्रेस, इलाहाबाद-जयपुर, रीवा एक्सप्रेस समेत 76 ट्रेनें प्रभावित रहीं।
बैट्री डिस्चार्जिंग से बंद हो गए थे एसी
आठ घंटे तक जहां के तहां ट्रेनों के खड़े हो जाने से कोच की बैट्रियां डिस्चार्ज हो गईं थीं। इस कारण एसी बंद हो गए थे। लगातार ट्रेनों के चलने से ही बैट्री चार्ज होती है। एसी बंद होने से यात्रियों को उमस भरी गर्मी में बेहद परेशानियां का सामना करना पड़ा था।