ऐसे किया जा रहा अध्ययन
डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि रोगियों में सबसे पहले कंधे की एमआरआई जांच की जा रही है। कंधे में बीमारी का कारण ढूंढा जा रहा है। अगर कंधे में कोई दिक्कत नहीं है, फिर भी कंधा जाम है तो गर्दन का एमआरआई करा रहे हैं, तो 60 प्रतिशत रोगियों में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस कंधे का पता चला है।
इन बातों का रखें ध्यान
गर्दन झुकाकर बैठने और घंटों मोबाइल चलाने की आदत से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की बीमारी बढ़ती जाती है। जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती है, वैसे-वैसे फ्रोजन शोल्डर की समस्या भी बढ़ती जाती है।