कुछ देर रुकने के बाद ट्रेन ने वापसी का सफर पूरा किया
दो किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन चुन्नीगंज भूमिगत स्टेशन पहुंची। इसके बाद नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा भूमिगत स्टेशन होते हुए ट्रेन नयागंज भूमिगत स्टेशन शाम को पहुंची। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्टक्चर) सीपी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में ट्रेन को रोक-रोककर चलाया गया। कुछ देर रुकने के बाद ट्रेन ने वापसी का सफर पूरा किया।
ट्रैक की टेस्टिंग के दौरान सभी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया
इससे पहले यूपीएमआरसी के एमडी ने ट्रॉली से नयागंज से मोतीझील तक अप-लाइन पर बने ट्रैक का निरीक्षण किया। ट्रैक टेस्टिंग के दौरान मेट्रो की तकनीकी टीम के सभी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे। ट्रैक में थर्ड लाइन और सिग्नलिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। आईआईटी से नयागंज के बीच नौ सिग्नल लगाए गए हैं। ट्रैक की टेस्टिंग के दौरान सभी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।
नयागंज तक पहुंचने में लगेंगे 25 मिनट
मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक अभी आईआईटी से मोतीझील स्टेशन तक आने में करीब 15 मिनट लगते हैं। यह ट्रायल पूरा होने के बाद आईआईटी से नयागंज स्टेशन तक आने में करीब 22 से 25 मिनट लगेंगे।
मेट्रो ने विभिन्न चुनौतियों को पार करते हुए शहर के इतिहास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हमारा भूमिगत मेट्रो रूट शहर के सबसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरता है, जिससे शहर के अंदर यात्रा बहुत सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी। मेट्रो के टेस्ट रन के दौरान ट्रैक, पॉवर सप्लाई आदि को परखा गया। इससे प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे परिचालन में मदद मिलेगी। -सुशील कुमार, एमडी, यूपीएमआरसी
शुक्रवार को शुरुआती ट्रायल हुआ है। 20 दिन बाद फाइनल ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में फिनिशिंग कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। अगस्त तक इन चारों भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। -पंचानन मिश्रा, पीआरओ, यूपीएमआरसी