नासरसेड़ा अंडरपास में भरा पानी। (संवाद)
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झींझक। दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर झींझक स्टेशन के पास बने नासरसेड़ा अंडरपास में जलभराव की समस्या का पिछले छह माह में भी समाधान नहीं हो सका है। पूर्व में सांसद ने निरीक्षण कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिससे करीब 50 हजार लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
झींझक रेलवे क्रासिंग पर सिकंदरा-रसूलाबाद रोड पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य चलने के कारण फाटक को बंद कर दिया गया है। लोगों को रेलवे लाइन के दूसरे तरफ जाने के लिए नासरसेड़ा अंडरपास से रास्ता दिया गया, लेकिन अंडरपास की दीवारों मेें लीकेज व जलनिकासी की व्यवस्था न होने से यहां बारिश व आसपास का पानी भरता है।
जिससे लोगों को आवागमन में समस्या होती है। गड्ढों की वजह से जलभराव में दोपहिया वाहन सवार अक्सर गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। करीब दो माह पूर्व अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने रेल व मालभाड़ा अधिकारियों का निरीक्षण किया था।
उस दौरान जलभराव मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए समस्या का जल्द निराकरण कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मालभाड़ा अफसरों ने कोई कवायद नहीं की। इससे कस्बा व आसपास गांवों की करीब 50 हजार आबादी को जलभराव से होकर आवागमन करना पड़ता है।
नासरसेड़ा अंडरपास में जलभराव की जानकारी है। समय-समय पर पानी निकलवाया जाता है। जल्द ही गड्ढों को ठीक कराया जाएगा। - डीसी चम्पिया (सहायक प्रबंधक मालभाड़ा)