कानपुर। एसआईटी की जांच में मणिपुर की एशियन यूनिवर्सिटी की 284 डिग्री जांच में फर्जी मिलीं हैं। यूनिवर्सिटी ने एसआईटी के पास मौजूद रोल नंबर का मिलान किया था। इनका गजट में कोई जिक्र न होने के बाद उनके फर्जी होने की पुष्टि हो गई। इससे पहले कई यूनिवर्सिटी की जांच में भी वहां की डिग्री फर्जी पाई गई थी।
किदवईनगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन कार्यालय में दबिश दी थी। पुलिस को मौके से उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट और डिग्री बरामद हुईं थीं। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र तथा शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर 19 फरवरी को जेल भेजा था। वहीं, आरोपियों से पूछताछ के बाद शुभम दुबे, शेखू, छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि और गाजियाबाद निवासी विनीत के नाम सामने आए थे। इनमें से विनीत को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। अन्य की तलाश की जा रही है। टीम के सदस्य आरोपियों के पास मिली डिग्री और मार्कशीट का सत्यापन करा रहे हैं।
आरोपियों के पास से एशियन यूनिवर्सिटी की बीएससी की 48, बीए की 52, बीटेक की 12, बीकॉम की 30, बीबीए की आठ, बीसीए की 27, एमए की 36, एमकॉम की दो, एमबीए की आठ, एमसीए की दो डिग्री, बीजेएम, बीटेक, बीएड की एक-एक, बीए की तीन मार्कशीट, बीए के 18 और बीटेक की सात ग्रेड शीट, नाै माइग्रेशन और 19 प्रोविजनल सर्टिफिकेट मिले थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन और एसआईटी टीम की जांच में सभी फर्जी निकली हैं। एसआईटी प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि मणिपुर की एशियन यूनिवर्सिटी ने जांच के बाद सभी 284 यूनिवर्सिटी को फर्जी बताया है। अन्य संस्थानों की मार्कशीट और डिग्री की जांच की जा रही है