शिवली। गरीबी के आधार पर मुफ्त में सरकारी राशन उठा रहे मैथा तहसील के 272 लोग क्रय केंद्रों पर गेहूं व धान बेचकर फंस गए हैं। इन राशन कार्ड धारकों ने पूरे साल में तीन-तीन लाख रुपये से ज्यादा का धान व गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है। आपूर्ति विभाग ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे राशन लेने वालों में हड़कंप मच गया है।
मैथा तहसील के 272 राशन कार्डधारक अब कार्रवाई की जद में आ गए हैं। इन राशन कार्ड धारकों ने पिछले वर्ष तीन लाख रुपये या उससे अधिक का धान व गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है।
अनाज बिक्री का भुगतान इन्हीं कार्डधारकों के बैंक खातों में किया गया है। राशन कार्ड से आधार लिंक होने की वजह से सत्यापन में यह स्थिति सामने आई है। अब सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं व धान की बिक्री करने वाले इन कार्ड धारकों को नोटिस जारी किया गया है।
अपात्र होते हुए भी राशन लेने पर रिकवरी के साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई होगी। जानकारों का कहना है कि जांच का दायरा और भी बढ़ सकता है।
तहसील क्षेत्र के 272 राशन कार्डधारक आय सीमा से अधिक का गेहूं व धान क्रय केंद्रों में बेचने की वजह से जांच के दायरे में आए हैं। अभी और जांच की जा रही है। - सत्येंद्र सिंह, पूर्ति निरीक्षक मैथा।
तीन लाख से ज्यादा का राशन बेचने वाले कार्डधारकों की जांच हो रही है। गरीबी रेखा के तहत नहीं आने पर राशन कार्ड रद्द होगा। सरकारी राशन की रिकवरी भी हो सकती है। - विजय प्रकाश तिवारी, एसडीएम मैथा।