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घाटमपुर: बुखार में तप रहे गांव, इटर्रा में एक माह में 25 बुजुर्गों की मौत, कोरोना जैसे लक्षण से दहशत

Wed, 12 May 2021 12:57 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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पंचायत चुनाव के वक्त जैसी आशंका जताई जा रही थी, वह सच साबित हो रही है। अब गांव-गांव में बुखार का प्रकोप फैल गया है। घाटमपुर तहसील क्षेत्र के गांव परास, भदरस, जहांगीराबारा व पतारा के बाद अब इटर्रा में भी एक माह में 25 बुजुर्गों की मौत की बात सामने आई। सभी बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित थे।
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सांस लेने में दिक्कत होने के बाद मौत हो गई। मृतकों में कोरोना जैसे लक्षण देखकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हैं। इटर्रा गांव निवासी राम नरेश ने बताया कि उनके पिता रघुनंदन वर्मा (70) को चार दिन पहले बुखार आया था और उनका घर पर ही इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह सांस में दिक्कत हुई।

जब तक अस्पताल ले जाते उनकी मौत हो गई। ग्रामीण राम खिलावन ने बताया कि तीन-चार दिन से पिता सीताराम प्रजापति (54) को सिर दर्द, बुखार की शिकायत थी। इलाज कराया पर आराम नहीं मिला। सांस लेने में दिक्कत हुई और जब तक अस्पताल के लिए घर से निकलते मौत हो गई। 
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इसी तरह गांव के रिटायर्ड शिक्षक रामबली (64), जमीला (70), रन्नो (75), सोमवती (80), कुंती देवी (80), गुरूप्रसाद (75), शिवराम तिवारी (74) समेत 25 ग्रामीणों की मौत 17 अप्रैल से अब तक हो चुकी है। मृतकों की कोरोना जांच नहीं हुई थी, जिस कारण पूरे गांव में दहशत फैल गई है।

गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा है और लोग एक-दूसरे को देखकर दूर भाग रहे हैं। नितिन तिवारी, रामबाबू, वीरेंद्र, विजय आदि ग्रामीणों ने बताया कि मृतकों में से किसी को भी पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। मगर खांसी के साथ तेज बुखार और फिर सांस लेने की दिक्कत थी। कोरोना के लक्षण मानकर ग्रामीण आशंका जता रहे हैं कि सभी मौतें कोरोना से हो रही हैं।

मौतों पर भी नहीं जागे जिम्मेदार, दहशत में ग्रामीण
घाटमपुर क्षेत्र के भदरस गांव में एक माह में 40 मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े बैठा है। गांव में बुखार, खांसी, जुकाम और कोरोना जैसे लक्षणों वाले दर्जनों रोगी घर पर रहकर ही इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचित करने के बाद भी यहां जांच के लिए टीम नहीं आई।

कुछ दिन पहले एक टीम आई भी तो खानापूरी कर लौट गई। उधर, महीनेभर में पतारा में 10 और जहांगीराबाद में 20 मौतों की सूचना के बाद पंचायतीराज विभाग की टीम पहुंची और सैनिटाइजेशन कराया। गांव भदरस का हाल सबसे खराब है। यहां दो लोगों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है।

एक के बाद एक महीने भर में 40 मरीजों की मौत से गांव में दहशत है। ग्रामीणों को आशंका है कि सभी मौतें कोरोना के चलते हुई हैं। हालांकि, किसी की कोरोना जांच नहीं हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी मौतों का कारण जानने के बजाय इसे वायरल बुखार मानकर चल रहे हैं।
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इसी गांव के रहने वाले राम प्रकाश बताते हैं कि वह कुछ दिनों से खांसी व बुखार से पीड़ित थे। तब से घर पर रहकर ही इलाज कर रहे हैं। तीन दिन बाद सीएचसी में फोन कर बीमारी फैलने की शिकायत भी की, पर कोई झांकने तक नहीं आया। गांव में अभी तक सैनिटाइजेशन तक नहीं हुआ है।

बोले ग्रामीण 
गांव में कई लोग बीमार हैं। इलाज और जांच को स्थानीय अधिकारियों को फोन भी किया, लेकिन अभी तक कोई सुध लेने को नहीं पहुंचा है। - शिवकरण सिंह, भदरस

गांव में लोग खांसी, बुखार से पीड़ित हैं। अभी तक जांच के लिए कोई नहीं आया। ज्यादातर लोग घर में रहकर ही इलाज करा रहे हैं। - संजय अग्निहोत्री, भदरस

गांव में खांसी, जुकाम, बुखार का प्रकोप है। कोरोना की जांच में कुछ मरीज पॉजिटिव भी निकले हैं। इसके बाद भी कोई टीम नहीं आई है। - अमित अवस्थी, भदरस
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