भीतरगांव ब्लाक की 77 ग्राम पंचायतों की मतगणना पूर्ण होने के बाद कई ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की हार जीत का पूर्वानुमान अंगूठा लगे मतपत्रों ने बिगाड़ के रख दिया।
घाटमपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जागरुकता का अभाव भी सामने आया है। हजारों मतदाताओं को पता ही नहीं था कि उन्हें अंगूठा लगाना है या मुहर। भीतरगांव विकास खंड क्षेत्र की 77 ग्राम पंचायतों में बैलेट पेपर से हुई वोटिंग में हजारों मतपत्र ऐसे निकले जिन पर मुहर के स्थान पर अंगूठा लगा हुआ था।
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निर्वाचन विभाग के नियमानुसार ऐसे मतपत्रों को निरस्त कर दिया गया। ‘अंगूठा छाप’ से निरस्त हुए मतपत्रों ने नजदीकी अंतराल से हार-जीत वाले दर्जनों प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फेर दिया। भीतरगांव ब्लाक की 77 ग्राम पंचायतों की मतगणना पूर्ण होने के बाद कई ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की हार जीत का पूर्वानुमान अंगूठा लगे मतपत्रों ने बिगाड़ के रख दिया।
ग्राम पंचायत साढ़, अकबरपुर बरुई, उमरी, रार, भदवारा, बारीगांव , बरईगढ़, रातेपुर, बेहटा-गंभीरपुर, भीतरगांव, कोरथा बेहटा-बुजुर्ग, गोपालपुर नर्वल की मतपेटिकाओं में एक सैकड़ा से अधिक मतपत्र निरस्त मिले जिनमें सबसे अधिक मुहर की बजाय अंगूठा छाप वाले मतपत्र थे।
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ग्राम पंचायत नौरंगा व सूलपुर प्रधान की जीत सिर्फ एक एक मत से हुई जबकि नौरंगा में 24 और सूलपुर में 30 मत अंगूठा लगे होने के चलते निरस्त हुए। इसी तरह पतारी और देवषढ़ में नवनियुक्त ग्राम प्रधान की जीत सिर्फ दो-दो मतों से हुई जबकि देवषढ़ में 81 व पतारी में 48 मत अंगूठा छाप निकले।
इसी तरह साढ़ प्रधान की जीत 33 मतों से हुई जबकि यहां भी 191 मत निरस्त निकले। भदवारा प्रधान की जीत 23 मतों हुई जबकि 172 वोट अंगूठा निशान या अन्य कारण से खारिज हो गए। महोलिया गांव के एक ही प्रत्याशी के चुनाव चिह्न में 46 मतों में अंगूठा लगा होने के कारण उसे 11 मतों से हार का मुंह देखना पड़ा। अंगूठा छाप मतपत्रों ने एक दो नहीं, दर्जनों ग्राम पंचायतों के प्रत्याशियों में हार जीत के खेल में बट्टा लगा दिया।
कीसाखेड़ा में सबसे कम, वेरीखेड़ा में सबसे अधिक फीसदी मत हुए निरस्त
विकास खंड की सभी 77 ग्राम पंचायतों में कुल पड़े मतों की संख्या से 5.39 फीसदी मत निरस्त पाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक जागरुकता का अभाव ग्राम पंचायत वेरीखेड़ा में देखने को मिला। यादव बहुल इस ग्राम पंचायत में कुल पड़े मतों में सबसे अधिक 12.2 फीसदी मत निरस्त मिले हैं।
यही नहीं, ग्राम पंचायत हस्कर और रार में भी साढ़े दस फीसदी मत अंगूठा छाप या अन्य किसी कारण से निरस्त मिले। पढ़े लिखे मतदाताओं में सबसे पहले पायदान में ग्राम पंचायत कीसाखेङा है। यहां कुल पड़े 727 मतों में सिर्फ सात मत यानि 0.96 फीसदी मत ही निरस्त मिले। इसके बाद ग्राम पंचायत गुगुरा में कुल पड़े मतों में 1.37 फीसदी, मोहम्मदपुर नर्वल में 1.89 फीसदी मत अंगूठा छाप या अन्य कारण से निरस्त हुए।
साढ़ में सबसे अधिक 191, भीतरगांव में 185 मत हुए खारिज
विकास खंड क्षेत्र की सभी 77 ग्राम पंचायतों में साढ़, भीतरगांव, बरईगढ़, भदवारा व गोपालपुर नर्वल सबसे बड़ी ग्राम पंचायतें हैं। वोटों की संख्या के आधार पर देखा जाए तो साढ़ ग्राम पंचायत में सबसे अधिक 191 मत निरस्त हुए, जबकि हार जीत का अंतर सिर्फ 33 मत ही रहा। निरस्त मतों में अधिकतर अंगूठा छाप मत पत्र थे। इसी तरह ग्राम पंचायत भीतरगांव में 185, भदवारा में 172, बरईगढ़ में 158, रार व बारीगांव में 131, बेहटा-बुजुर्ग व उमरी में 125, गौरी ककरा में 120, गोपालपुर नर्वल में 116, कैथा में 113, बेहटा-गंभीरपुर में 106, अकबरपुर बरुई में 105 व बिरहर में 102 मत निरस्त किए गए।
भीतरगांव ब्लाक के निरस्त मतपत्रों का विवरण
कुल ग्राम पंचायत 77
कुल मतदाता 138966
कुल पड़े मत 101055
कुल खारिज मत 5455
खारिज मतों का प्रतिशत 5.397 प्रतिशत