इसके अलावा ठंड लगने के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए पांच रोगियों की मौत हो गई। 118 रोगियों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में देखा गया। ओपीडी मिलाकर कुल 727 रोगी देखे गए। सोमवार को यहां 11 रोगियों की मौत हुई थी। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि हाइपरटेंशन और हृदय के रोगी ठंड से बचाव करें। ब्रेन अटैक से सोमवार को दो रोगियों की मौत हुई थी और मंगलवार को तीन की और मौत हो गईं।
15 रोगियों को न्यूरो साइंसेस में भर्ती किया गया है। मंगलवार को बर्रा के गिरधरलाल (54), चकेरी के दिनकर (48) और जाजमऊ के निजाम (65) को एंबुलेंस में हैलट लाया गया। लेकिन रोगियों की रास्ते में ही मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो साइंसेज विभाग प्रमुख डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि ब्रेन अटैक के रोगियों की संख्या आम दिनों से तीन गुना अधिक हो गई है। ज्यादातर को ब्लडप्रेशर हाई होने के बाद अटैक पड़ा था।