उन्नाव। शादी में बाइक की मांग पूरी न होने पर तीन साल पहले महिला को जलाकर मारने के मामले में अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह के न्यायाधीश ने मृतका के पति को पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य न प्रस्तुत कर पाने पर न्यायाधीश ने सास को दोषमुक्त कर दिया।
माखी थानाक्षेत्र के गांव बिरसिंह पुरथाना गांव निवासी आशा देवी पत्नी अशोक सिंह की बेटी रिंकी का विवाह औरास थानाक्षेत्र के गांव भुरकुंडी निवासी उजलेश पुत्र ख्याली प्रसाद के साथ साल 2001 में की थी। शादी में दहेज भी दिया था। शादी के तीन साल बाद ससुरालीजन बाइक की मांग करने लगे। 17 अगस्त 2016 को रिंकी को पीटने के बाद उस पर केरोसिन डालकर जला दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। जिसमें पति उजलेश व उसकी मां प्रभा देवी को आरोपी बना न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। बुधवार को अंतिम सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नं 6 के न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील प्रेमचंद्र के तर्कों को सही ठहराते हुए आरोपी पति उजलेश को पांच वर्ष की सजा के साथ 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
- साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर सास को किया दोषमुक्त