उन्नाव। गुरुवार से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। कक्ष निरीक्षकों की तैनाती के साथ ही सीटिंग प्लान भी तैयार हो है। सचल दल की तैनाती के साथ फोर्स की भी व्यवस्था परीक्षा केंद्रों पर की गई है। कहीं कोई दिक्कत न आए इसके लिए अधिकारी बुधवार को परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 68000 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इसमें हाईस्कूल में 40,000 व इंटरमीडिएट में 28000 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए जिले में 117 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। गुरुवार सुबह पाली में हाईस्कूल में 8 बजे से संगीत गायन व इंटरमीडिएट में दोपहर 2 बजे से काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प सिलाई की परीक्षा होगी। परीक्षा में कहीं कोई दिक्कत न आए इसके लिए डीआईओएस कार्यालय में बनाया गया कंट्रोल रूम में तैनात शिक्षक सभी केंद्र से सीटिंग प्लान के साथ फर्नीचर उपलब्धता व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
3744 कक्ष निरीक्षकों की हुई तैनाती
बोर्ड परीक्षा में गिनगरानी के लिए डीआईओएस ने 3744 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती कर दी है। इसमें 2904 माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को व 840 बेसिक विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। एक कक्ष में तीन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बीटीसी प्रशिक्षु, शिक्षामित्र व अनुदेशकाें को रिजर्व रखा गया है। हड़ताल के चलते यदि बेसिक विभाग के शिक्षक नहीं पहुंचते हैं तो शिक्षामित्र व अनुदेशकों को लगाकर ड्यूटी कराई जाएगी।
बनाए गए कंट्रोल रूम प्रभारी
बोर्ड परीक्षा में पहली बार चौबीस घंटे कंट्रोल रूम शुरू होने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कंट्रोल रूम नंबर 0515 2820 760 के अलावा सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक जीआईसी उन्नाव के शिक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव को लगाया गया है।
फोन नंबर- 9452962622
दोपहर 2 से रात 8 बजे तक जीआईसी के शिक्षक रवीकुमार पांडेय की तैनाती की गई है।
फोन नंबर- 6306568002
रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक जीआईसी के शिक्षक यशपाल सिंह की ड्यूटी लगाई गई है।
फोन नंबर- 9456164124
एसडीएम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया
बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एसडीएम राजेंद्र कुमार ने जीआईसी, जयकिसान इंटर कालेज चमियानी, लौहपुरुष सरदार पटेल चंदीगढ़ी, एबीएएस इंटर कालेज, व ऋषिकुल विद्या पीठ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां सीसीटीवी, कैमरे के अलावा शौचालय, पानी, बिजली, फर्नीचर आदि बिंदुओं पर समीक्षा की। केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा सही तरीके से कराने के निर्देश दिए।