अमर उजाला ब्यूरो
झींझक। किसानों और सड़क यातायात के बाद अब छुट्टा मवेशी रेल यातायात के लिए भी मुसीबत बनने लगे हैं। बुधवार को सांड़ टकराने से वंदेभारत एक्सप्रेस को करीब 27 मिनट तक झींझक के आगे रोकना पड़ा था। इसे देखते हुए रेलवे के सहायक मंडल अभियंता ने डीएम को पत्र लिखकर ट्रैक किनारे घूमने वाले छुट्टा मवेशियों को गोशालाओं में बंद कराने की मांग की है।
दिल्ली-हावड़ा रूट के झींझक व कचौंसी स्टेशनों के बीच बुधवार शाम को वंदे भारत एक्सप्रेस से सांड़ टकरा गया था। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा तो बच गया लेकिन शाम 7:33 से 8 बजे तक (27 मिनट) ट्रेन को रोकना पड़ा था। घटना की रिपोर्ट यातायात निरीक्षक फफूंद बृजेश मीणा ने सहायक मंडल अभियंता इटावा सुधीर कुमार को भेजी थी। आए दिन छुट्टा मवेशियों के कारण ट्रैक पर हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सहायक मंडल अभियंता ने जिलाधिकारी कानपुर देहात को पत्र लिखा है।
इसमें कहा गया है कि छुट्टा मवेशियों के रेलवे ट्रैक पर पहुंचने और ट्रेनों से टकराने के कारण ट्रेनों के संचालन में बाधा आ रही है। इन छुट्टा मवेशियों को काजी हाउस या गोशालाओं में बंद कराएं। यातायात निरीक्षक ने भी कहा कि अक्सर छुट्टा मवेशियों के ट्रेनों से टकराने से रेल यातायात बाधित होता है। एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा ने बताया कि अभी तक रेलवे का पत्र नहीं मिला। छुट्टा मवेशियों को पकड़ने का अभियान पहले से ही चल रहा है। ट्रैक के आसपास के छुट्टा मवेशी पकड़वाए जाएंगे।
ट्रैक पर आने से रोकें छुट्टा मवेशी
सहायक मंडल अभियंता रेलवे ने लिखे जिलाधिकारी को पत्र
क्रासर
झींझक-कचौंसी स्टेशनों के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस से टकराया था सांड़