सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। ब्लाक के सैथा गांव में रविवार की सुबह ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को घेरकर सामुदायिक केंद्र में बंद कर दिया। इसकी जानकारी पर लेखपाल और पुलिस गांव पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों से फोन पर बात कर चार दिन में छुट्टा मवेशियों की गोवंश आश्रय स्थल पर भेजने का भरोसा दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने वहां बंद मवेशियों को बाहर निकाला।
छुट्टा मवेशियों से फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों का गुस्सा फूूटने लगा है। रातभर खेत में रखवाली करने के बाद भी फसलें सुरक्षित नहीं बच रही हैं। इससे आजिज आकर ग्रामीणों ने मवेशियों को सार्वजनिक स्थलों में बंद करना शुरू कर दिया है।
मंगोलपुर स्टेडियम में कई गांवों के ग्रामीणों ने मिलकर छुट्टा मवेशी पिछले रविवार को बंद कर दिए थे। प्रशासन अभी तक उनकी व्यवस्था नहीं पाया है कि इस बाद सैंथा गांव के सामुदायिक केंद्र में करीब आधा सैकड़ा मवेशियों को एकत्र करके वहां बंद कर दिया। इसकी जानकारी पर लेखपाल रीतेश तिवारी, दरोगा सूर्यपाल सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीण मुनेश मिश्रा, विश्वबंधु तिवारी, दीपक मिश्रा, रामकुमार आदि को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण मवेशियों को गांव से ले जाने की जिद पर अड़े थे। इसके बाद एसडीएम ने फोन पर ही ग्रामीणों से बात कर चार दिनों के अंदर उन्हें समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिया तब ग्रामीण शांत हुए और मवेशियों को सामुदायिक केंद्र से मुक्त कर दिया।