फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के आदेश पर तत्कालीन स्वाट टीम प्रभारी, मेरापुर एसओ और 11 पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज डकैती के मुकदमे में विवेचक सीओ ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। दर्ज रिपोर्ट में पुलिस कर्मियों पर घर में घुस कर तोड़फोड़, लूटपाट करने और पुत्र को फर्जी मुठभेड़ में पकड़ने का आरोप लगाया था।
22 फरवरी 2018 को तत्कालीन स्वाट टीम प्रभारी संजय राय और मेरापुर एसओ देवेंद्र कुमार ने टीम के साथ ब्रह्मपुरी थाना मेरापुर निवासी ध्रुव सिंह को मुठभेड़ में पकड़ा था। ध्रुव सिंह के पैर में घुटने के नीचे गोली लगी थी। इस मुठभेड़ में एक सिपाही भी घायल हुआ था। इस घटना को ध्रुव सिंह की मां शारदा देवी व परिवार के अन्य लोगों ने फर्जी करार दिया था।
उन्होंने इसकी शिकायत डीएम और एसपी से दूसरे दिन की थी। सुनवाई न होने पर शारदा देवी ने अदालत की शरण लेकर याचिका दायर की थी।
आरोप लगाया कि 21 फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे पुलिस कर्मी उसके घर में घुस आए। पुत्र ध्रुव सिंह को जबरन पकड़ कर ले जाने लगे। विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने महिलाओं के साथ मारपीट की और घरेलू सामान को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। पुत्री और दो पुत्रवधू के जेवर व मोबाइल लूट लिए।
विशेष अदालत एंटी डकैती ने याचिका पर तत्कालीन स्वाट टीम प्रभारी संजय राय, मेरापुर एसओ देवेंद्र कुमार और 11 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सीओ शकील अहमद ने जांच की। उन्होंने विवेचना के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसमें कहा गया कि 21 फरवरी को आरोपी ध्रुव सिंह को पुलिस मुठभेड़ में चोरी की बाइक, जेवर व अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया था। उसका साथी बहनोई श्रीचंद्र फरार हो गया था। जिसकी मेरापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। मुकदमे में दबाव बनाने के लिए यह मुकदमा लिखाया गया है।
फर्जी मुठभेड़ दिखाकर घर में तोड़फोड़ और लूटपाट करने का था आरोप
विशेष अदालत एंटी डकैती के आदेश पर दर्ज हुई थी पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट