कानपुर के बिधनू की गंगापुर कॉलोनी में प्रयाग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 10 के सहपाठी छात्र नीलेंद्र की हत्या का आरोपी छात्र आपराधिक घटनाओं पर बनी वेबसीरीज का शौकीन है। उसने ओटीटी प्लेटफार्म पर मिर्जापुर वेबसीरीज चार बार देख रखी थी। वेबसीरीज के कैरेक्टर गुड्डू भइया से खासा प्रभावित था।
इस पूरी घटना को लेकर जानकारी सामने आ रही है कि गर्लफ्रेंड को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। चार दिन पहले भी दोनों में लड़ाई हुई थी। वहीं सोमवार को लंच के समय दोनों में झगड़ा हो गया, लेकिन आरोपी छात्र पूरी तैयारी के साथ आया था और उसने बैग में सब्जी काटने वाला चाकू छिपाकर रखा था और विवाद के बाद ही नीलेंद्र तिवारी की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। वहां मौजूद छात्र चीखने-चिल्लाने लगे और हमलावर छात्र को पकड़कर चाकू छीन लिया।
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सरेआम कत्ल करके इलाके में दहशत फैलाना चाहता था। मूलरूप से महाराजपुर, रूमा के लालापुर गांव का रहने वाला हत्यारोपी अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। माता-पिता के प्यार में इस कदर बिगड़ा कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगा।
एसीपी घाटमपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उसकी लड़ाई-झगड़े की आदत से तंग आकर परिजनों ने उसे उसके फूफा के पास गंगापुर भेजा था। यहां भी वह नहीं सुधरा। कभी फूफा के मोबाइल तो कभी दोस्त का मोबाइल लाकर अक्सर रात-रातभर वेबसीरीज देखा करता था। इसी का असर था कि वह अपने स्कूल के दोस्तों पर भी जरा सी बात पर हाथ छोड़ देता था। कई बार उसके दोस्तों ने उसे गुड्डू पंडित के डायलॉग भी बोलते सुना।
वेबसीरीज में जैसे गुड्डू भइया सरेराह शुक्ला को हिंदी वर्णमाला का पाठ पढ़ाते हुए गोली मार देता है, ठीक उसी तरह से वह सरेआम नीलेंद्र की भी चाकू से गोदकर हत्या करना चाहता था। सोमवार को जैसे ही उसे मौका मिला, उसने उसी अंदाज में नीलेंद्र की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
अफसर बनाना चाहते थे, बन गया अपराधी
पढ़ाई लिखाई में मन न लगने और आए दिन किसी न किसी से झगड़ने से परेशान होकर परिजनों ने उसे लखनऊ में रहने वाले उसके चाचा के पास भेजा दिया। वहां भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। चाचा के रोकने टोकने पर उन पर हावी होने लगा। इसके बाद उन्होंने भी छात्र को साथ रखने से मना कर दिया। दो साल पहले बिधनू निवासी छात्र के फूफा उसे साथ ले आए। नीलेंद्र की हत्या से अवाक रहे हत्यारोपी के फूफा बोले कि वह तो उसे अफसर बनाना चाहते थे, लेकिन वह अपराधी बन गया।