कन्नौज। चार साल पहले घर में घुसकर तमंचे के बल पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले युवक को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट की जज अलका यादव ने दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।
विशेष लोक अभियोजक किशोर दोहरे व शासकीय अधिवक्ता नवीन दुबे ने बताया कि छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के रहने महिला ने 30 जनवरी 2019 को सीओ छिबरामऊ को शिकायती पत्र दिया था। पत्र में बताया था कि 26 जनवरी की रात उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर में लेटी थी। गांव का ही रहने वाला मिथुन कश्यप दीवार फांद कर घर में घुस आया। युवक ने पुत्री को सोते समय दबोच लिया। पुत्री के चिल्लाने पर तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी देते हुए चुप करा दिया। इसके बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पास में लेटी छोटी पुत्री ने विरोध किया तो जान से मारने की नीयत से तमंचा पेट में लगा दिया। कहा कि बेटी की चीखपुकार सुनकर मौके पर पहुंची। एक अज्ञात युवक कमरा के गेट पर खड़ा था और मिथुन कमरे के अंदर था। पुलिस ने सीओ के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच की। मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट की जज अलका यादव ने मिथुन को 10 साल कारावास और 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
इन धाराओं में कोर्ट ने सुनाई सजा
अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने धारा 452 में तीन साल कारावास और तीन हजार रुपये, 376 में दस साल कारावास और 20 हजार रुपये, 506 में तीन साल कारावास और तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया। बताया कि सभी सजा एक साथ चलेगी।