गुरसहायगंज। कस्बे में बुधवार को ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी के चलते लोग जाम से जूझते नजर आए। जाम में मरीज लेकर जा रही एक एंबुलेंस और बच्चों को लेकर जा रही स्कूल की बसें भी फंस गईं। इससे मरीज व उनके तीमारदार के साथ बस में सवार बच्चे भी बिलबिला उठे। इस दौरान यातायात व्यवस्थित करने के लिए चौराहे पर तैनात रहने वाले होमगार्ड और पुलिसकर्मी भी नदारद रहे। जाम में फंसे लोग पुलिस की व्यवस्था को कोसते रहे और खुद ही जूझते हुए जाम खुलवाकर निकले।
गुरसहायगंज में ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा की लगातार बढ़ती संख्या से रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है।ऑटो चालक नियमों की अनदेखी करते हुए पुलिस चौकी के सामने खड़े होकर सवारियां भरते हैं तो वहीं दुकानों के सामने भी खड़े होकर सवारियां उतारते और चढ़ाते हैं। जिसको लेकर अक्सर दुकानदारों से ऑटो चालकों का विवाद होता रहता है, लेकिन इसके बाद भी वह निर्धारित स्थान पर ऑटो नहीं खड़े करते हैं। बुधवार को भी ऑटो और ई-रिक्शा की भरमार के चलते पूरे दिनभर रुक-रुक कर जाम लगता रहा। जाम इतना बड़ा था कि इसमें सफल न होने पर होमगार्ड भी लाचार होकर चौकी पर वापस लौट गए। इस दौरान पुलिस भी नदारत रही। बाद में लोगों ने खुद ही किसी तरह एंबुलेंस और बस को आगे का रास्ता दिया।
कस्बे में तिपहिया वाहनों पर रोक लगाने की मांग
व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष शिवम राज वर्मा, जिला महामंत्री राजेश गुप्ता, पूर्व सभासद विजय दुबे आदि ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि ऑटो और टेंपो को कस्बा के अंदर घुसने से रोका जाए उन्हें नगर पालिका की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा किया जाए। ताकि कस्बे में जाम न लग सके। ई-रिक्शा चालकों पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। बिना पंजीकृत चल रहे ई-रिक्शा बंद कराए जाएं।