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जिले में बहने लगीं दूध की नदियां

Thu, 28 Jan 2016 11:52 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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अखिलेश सरकार की महत्वाकांक्षी कामधेनु व मिनी कामधेनु योजना आहिस्ता-आहिस्ता रंग लाने लगी है। जिले में दूध का उत्पादन बढ़ने लगा है। अब तक कामधेनु व मिनी कामधेनी डेयरी योजना के तहत जिले भर के अलग-अलग क्षेत्रों में 550 से अधिक पशुओं की खरीददारी हो चुकी है।
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15 से अधिक दूध डेयरी का संचालन शुरू हुआ है, जो धीरे-धीरे गति पकड़ने की दिशा में अग्रसर है। अब तक इन डेयरी में रोजाना 5,971 लीटर दूध का उत्पादन बढ़ा है। हर माह पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक डेयरी का स्थलीय निरीक्षण कर जो खामियां मिलती हैं, उन्हें दूर कराने का प्रयास कर रहे हैं।

अब तक रोजाना 7,200 लीटर दूध का उत्पादन होने लगा है। गुरसहायगंज कस्बे में स्थापित डेयरी में गीता आर्य के यहां 100 गाय-भैंस आई हैं। इनसे रोजाना 1000 लीटर दूध उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह कटरी क्षेत्र में स्थित तहसीपुर गांव में पूजा वाजपेयी की कामधेनु डेयरी में 76 दुधारू भैंस व गाय आ चुकी हैं।
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यहां रोजाना सुबह और शाम दोनों वक्त को मिलाकर 850 लीटर व कन्नौज शहर के मोहल्ला देविनटोला में आशीष मिश्रा की मिनी कामधेनु डेयरी में 600 लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा कटरा वहसार गांव में पशुपालक नरेंद्र सिंह के यहां 430, तिर्वा क्षेत्र के गांव अलीनगर में विमलेंद्र बघेल 180 लीटर, भगवंतपुर छिबरामऊ में राकेश कुमार 276 लीटर।

हाकिम सिंह 444 लीटर, महमूदपुर गंग में उमेश कुमार 600 लीटर, पाहला में प्रताप नारायण 320 लीटर, बिबिया जलालपुर में ऊषा द्विवेदी 250 लीटर, टिगरा में कृष्णपाल सिंह 96 लीटर, खडिनी में अनिल गुप्ता 300 लीटर, बछज्जापुर में राजाराम 275 लीटर, तिर्वागंज में सिपाहीलाल 100 लीटर।

रज्जापुरवा गांव में मनोज कुमार मिनी कामधेनु डेयरी योजना संचालित करके 250 लीटर दूध का रोजाना उत्पादन कर रहे हैं। पशु चिकित्सक डा. रामाधार चौधरी ने बताया कि ज्यादातर किसान पंजाब, हरियाणा प्रांत से भैंस खरीदकर लाए हैं। इससे जनपद में पशुओं की उपलब्धता बढ़ी है, वहीं नस्ल सुधार को भी बढ़ावा मिलेगा।

मिनी और कामधेनु डेयरी योजना के चलते जिले में दूध की किल्लत काफी हद तक कम हुई है। उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ एक डेयरी 100 पशुओं की पूरी क्षमता से संचालित हो रही है, जबकि अन्य डेयरी में धीरे-धीरे पशुओं की संख्या बढ़ रही है। साल के अंत तक इन सभी डेयरी में पशुओं की संख्या पूर्ण कर ली जाएगी।

कामधेनु डेरी में 100 और मिनी कामधेनी डेयरी में 50 पशुओं को पालकर दुग्ध उत्पादन की योजना चल रही है। इसके अलावा राधारमण मिनी कामधेनु डेयरी योजना के संचालक आशीष मिश्रा कहते हैं कि डेयरी योजना में पशुपालन विभाग का पूरा सहयोग मिल रहा है।

बताया कि मिष्ठान विक्रेता, पनीर बनाने वालों को भी वह दूध की आपूर्ति कर रहे हैं। बताया कि इससे मिठाई की क्वालिटी भी सुधरी है। कहा कि फुटकर में भी डेयरी पर लोग दूध लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।
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