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पूर्व राज्यमंत्री की चौखट पर पहुंचा कब्रिस्तान की भूमि का विवाद, लेखपाल पर लगाया गलत तरीके से पैमाइश करने का आरोप

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पूर्व राज्यमंत्री के आवास पर मौजूद लोग। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। धीरपुर गांव स्थित कब्रिस्तान की भूमि का विवाद पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय की चौखट पर पहुंच गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने गलत पैमाइश का आरोप लगाते हुए दूसरे लेखपाल से पैमाइश कराने की मांग की। पूर्व राज्यमंत्री ने एसडीएम को दोबारा पैमाइश के लिए पत्र लिखा है।
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विशुनगढ़ कस्बे के मुस्लिम समाज के लोग गुरुवार को पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के आवास पर पहुंचे। इनका कहना था कि धीरपुर स्थित कब्रिस्तान में वर्षों से शव दफना रहे हैं। इस जमीन पर कुछ लोग गंदगी इकट्ठी कर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। कुछ दिनों से यह लोग शव नहीं दफनाने दे रहे। ग्रामीणों ने बुधवार को कराई गई पैमाइश को गलत बताया। दूसरे लेखपाल से पैमाइश कराने के लिए कहा है। पूर्व राज्यमंत्री ने एसडीएम को टीम गठित कर निष्पक्ष तरीके से पैमाइश कराने के लिए पत्र लिखा है। इस मौके पर जामा मस्जिद के मुतवल्ली सलमान, अब्दुल अजीज, अकबर खान, सद्दाम हुसैन, अतीक अहमद, इरशाद, मो. फरीद, सलमान वारसी, मो. शकील, मन्नू, जमील, रशीद, मो. दिलशाद उर्फ अच्छे, इकबाल, लईक अली, मो. इलियास, अकबर हुसैन, तालिब हुसैन, अजीज, नवाज शरीफ, आरिफ, साबिर, सदाकत, शादाब हुसैन सहित कई लोग मौजूद रहे।
जला हुआ है गांव का राजस्व अभिलेख
तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि पूरे गाटा संख्या की पैमाइश कराई गई थी। साल 1990 में फर्रुखाबाद में 35 गांवों के राजस्व रिकार्ड राख हो गए थे। इनमें विशुनगढ़ भी शामिल था। बुधवार को पुराने अभिलेखों और नक्शे के आधार पर पैमाइश कराई जा चुकी है। अगर पैमाइश से लोग संतुष्ट से नहीं हैं तो दूसरी टीम भेज दी जाएगी।
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