तालग्राम/उमर्दा। सोशल मीडिया का अधिक उपयोग और काम का तनाव युवा वर्ग को अनिद्रा का रोगी बना रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक पिछले दो साल में अनिद्रा केे चालीस फीसदी रोगी बढ़े हैं। कोरोना संक्रमण फैलने से पहले यह बीमारी सिर्फ दो या तीन फीसदी युवाओं को ही होती थी। नींद पूरी न होने से ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने तथा पाचन क्षमता बिगड़ने समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो जाती हैं।
18 मार्च को विश्व अनिद्रा दिवस पर डॉक्टरों ने लोगों को अनिद्रा रोग के विषय में जागरूक किया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस दिलीप सिंह ने बताया कि जर्नल ऑफ स्लीप नाम के एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सोशल मीडिया के ज्यादा उपयोग से नींद पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। सोने से पहले बिस्तर पर मोबाइल देखना, यू ट्यूब पर वीडियो देखना, इंटरनेट ब्राउज करना या संगीत सुनना मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
तालग्राम। सीएचसी प्रभारी तिर्वा डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि अनिद्रा पीड़ित रोगी के लिए नींद आना मुश्किल होता है। आमतौर पर दिन के समय नींद, सुस्ती और मानसिक व शारीरिक रूप से बीमार होने की अनुभूति होती है। मनोस्थिति में होने वाले बदलाव, चिड़चिड़ापन और चिंता इसके सामान्य लक्षणों में हैं।
तालग्राम सीएचसी के डॉ. मोहसिन रज्जा ने बताया कि सोशल मीडिया का बहुत देर रात तक उपयोग करने से सोने का समय कम जाता है। जिससे नींद पूरी नहीं होती है। खासकर सोने से पहले जो सोशल मीडिया का उपयोग करने से आंखों में थकान, तनाव, एंजायटी, ब्रेन स्ट्रोक, आई स्ट्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। तनाव बढ़ने से चेहरे पर झुर्रियां व आंखों के नीचे कालापन आ जाता है।
सीएचसी तिर्वा के चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र अवस्थी ने बताया कि किसी भी इंसान के लिए आठ घंटे की नींद बेहद जरूरी है। लोगों को सोने से पहले मोबाइल के इस्तेमाल और सोशल मीडिया स्क्रॉल जैसी बुरी आदतों को छोड़ना चाहिए, सोने से पहले मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करें।
सीएचसी तिर्वा के चिकित्सक शशिकांत चौहान ने बताया कि अधिक समय तक मोबाइल स्क्रीन पर देखते रहने से आंखों में डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या हो सकती है। जो आपके लिए ब्लर विजन या अंधापन का कारण भी बन सकता है। जिससे ब्लड-प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियां भी बढ़ जाती हैं।
- रात में जल्दी सोएं
- सुबह योग करें
- रात में हल्का खाना लें
- अच्छी नींद के लिए सबसे पहले सोने का समय निर्धारित करें। छुट्टी के दिन भी इसका पालन करें।
- कैफीन और अल्कोहल के इस्तेमाल से बचें।
- सोने से एक घंटा पहले टीवी न देखें और मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
- बेडरूम में शांत और अंधेरा बनाने का प्रयास करें।
- खासकर नौकरीपेशा लोग नियमित व्यायाम की आदत डालें।