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लखनऊ के लिए रवाना हुई शहीद रज कलश यात्रा

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शहीद हरवंश सिंह कुशवाह की पत्नी सुनीता देवी को प्रतीक चिह्न भेंट करते प्रदेश संयोजक सत्येंद्र प? - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। उत्तर प्रदेश शहीद मेला चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में शहीद रज कलश यात्रा अटिया स्थित शहीद हरवंश सिंह कुशवाह के समाधि स्थल पर पहुंची। शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ शहीद स्थल की रज कलश में ली गई। यात्रा तालग्राम होते हुए मंगलवार को लखनऊ के लिए रवाना होगी।
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अटिया में शहीद हरवंश सिंह कुशवाह की समाधि स्थल पर सोमवार को सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए। परिजनों सहित अन्य लोगों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद स्मारक स्थल की पावन माटी को शहीद रज कलश में लिया गया। मिशन अमर शहीद अमर जवान के प्रदेश संयोजक सत्येंद्र पाल ने बताया कि शहीद भगत सिंह जयंती पर मिशन हर वर्ष प्रदेश स्तरीय मेले का आयोजन करता है। इस मेले में कई जिलों से शहीद रज कलश यात्रा की टोलियां अपने शहीदों की समाधि स्थल की पावन माटी को इकट्ठा कर शहीद मंदिर काकोरी, लखनऊ पहुंचती हैं। यहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। मिशन के राष्ट्रीय कार्यक्रम में 19 दिसंबर को काकोरी के शहीदों की शहादत पर प्रदेश के शहीदों की बलिदानी माटी को इंडिया गेट पर ले जाकर श्रद्धांजलि दी जाती है।
शहीद रज कलश यात्रा में ग्राम प्रधान कंचन सविता, श्याम सिंह यादव, बृजकिशोर शर्मा, राजाराम कुशवाहा, गुरुवख्श सिंह यादव, रामजी भारद्वाज, सुभाष आचार्य, अमित शाक्य, करुणाकर कुशवाह, बृजेश मिश्रा, वीरपाल, अनूप, श्रीपाल, सुघर सिंह शाक्य, शरणागत कुशवाह, अतुल शाक्य, आशुतोष कुशवाह एवं रामदेवी सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए थे हरवंश सिंह
अटिया के हरवंश सिंह कुशवाह सीआरपीएफ 168 बटालियन में छत्तीसगढ़ के आभापल्ली में तैनात थे। 10 अगस्त 2014 को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ वह शहीद हो गए थे। घर में शहीद की पत्नी संगीता देवी, चार बच्चे संध्या, करुनाकर, शरणागत व आशुतोष कुशवाह हैं।
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